ललितपुर। शहर में बदहाल व्यवस्था से परेशान नगर पालिका के 14 सभासदों ने शुक्रवार को अधिशाषी अधिकारी को ज्ञापन देकर कहा कि शहर की कच्ची सड़कें, जलभराव, गलियों में स्ट्रीट लाइटों की कमी आदि समस्याओं को दूर न करने के कारण उन लोगों की छवि धूमिल हो रही है। बोर्ड के गठन के बाद नगर पालिका में तानाशाही और मनमानी कर उन लोगों की उपेक्षा की जा रही है, इससे सभासद अत्यंत क्षुब्ध व दुखी है। शेष कार्यकाल में जनहित कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सभासदों के प्रस्तावों पर अमल लाया जाए अन्यथा वह लोग त्यागपत्र देकर जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
नगर पालिका बोर्ड में पालिकाध्यक्ष और सभासदों के बीच दूरियां बढ़ती ही जा रही हैं। कुछ दिन पहले सभासद मंजू-लवली शर्मा ने समस्याओं का निस्तारण न होने पर त्यागपत्र की पेशकश की थी। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार को सभासद कृष्णकुमार, कुंजलता कुुशवाहा, रामवती, मोदी पंकज जैन, भारत भूषण चौरसिया, आलोक कुमार, अफजुल रहमान, नाजिया रजा, महेंद्र सिंघई, शिवानी पाठक, रामबाबू यादव, जगभान कुशवाहा, गीता, अनुराग जैन अधिशाषी अधिकारी से मिले और ज्ञापन देते हुए अपनी मांगों से अवगत कराया। सभासदों ने कहा कि नगर पालिका परिषद के बोर्ड को गठन हुए करीब चार वर्ष होने के बाद भी अव्यवस्थाओं से निजात नहीं मिल पा रही है। वार्डों में अब भी कई रास्तों पर सड़क नहीं है। नालियां नहीं होने से रास्ते में पानी जमा हो रहा है। जलभराव से बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इसमें मौरम डलवाकर ठीक कराया जाए। वार्डों की कई गलियों में अभी भी नहीं है। जिसका सर्वे कराकर वार्डों में तार डलवाकर स्ट्रीट लाइट लगवाई जाए, जिससे गलियों में अंधेरे से मुक्ति मिल सके। नगर पालिका का मूल दायित्व सफाई, स्ट्रीट लाइट, हैंडपंप रिपेयरिंग आदि है लेकिन मनमाना रवैया अपनाया जाता है। जनहित में इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
प्रमुख मांगे
नगर पालिका के कार्यों में गति लाने के लिए समितियों का गठन किया गया था जिनके क्रियान्वयन पर नियम विरूद्ध तरीके से रोक लगाने का आरोप लगाया गया। सभासदों ने समितियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने की मांग की।
वार्डों में निर्माण कार्य कराए जाने हेतु प्रस्तावों का चयन मनमाने तरीके से किया जाता है। पार्षदों द्वारा बताए हुए कार्यों को जानबूझकर मनमानी करते हुए नहीं कराया जाता है। वार्ड पार्षदों से निर्माण कार्य हेतु वार्ड पार्षदों की सहमति लेकर निविदाएं आमंत्रित की जाए।
एक लिपिक द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार एवं कूटरचित दस्तावेजों, फर्जी मार्कशीट के आधार पर लिए गए प्रमोशन को निरस्त करते हुए लिपिक को उसके पद से हटाया जाए एवं उनके द्वारा गलत प्रमोशन के आधार पर लिए गए अतिरिक्त वेतन की वसूली की जाए।
नगर पालिका अधिनियम 1916 का नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा लगातार उल्लंघन किया जा रहा है एवं मनमानी की जा रही है। अधिनियम का पालन करना सुनिश्चित किया जाए।
वार्डों की गलियों में स्ट्रीट लाईट, खस्ताहाल सड़कें, खराब हैंडपंप आदि की मरम्मत कराई जाए।