तेजी से भूकटान कर रही शारदा नदी, जलस्तर 77 सेंटीमीटर पहुंचा
पलियाकलां। बनबसा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 77 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है, जबकि आजाद नगर गांव में पानी भरने से ग्रामीण गांव खाली कर ऊंचे स्थान पर शरण लेेने को मजबूर हैं।
जल आयोग के कुशल कार्य सहायक सतीश यादव ने बताया कि सोमवार को शाम चार बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 77 सेंटीमीटर ऊपर 154.870 सेंटीमीटर पर बह रहा है। हालांकि नदी अभी स्थिर है। उधर, बाढ़ का पानी आजाद नगर गांव में पूरी तरह से भर जाने से गांव खाली हो गया है। जरूरत का सामान लेने ग्रामीण नाव के सहारे गांव में जा रहे हैं। नदी ने यहां पर भूकटान भी तेज कर दिया है। भूकटान करती हुई नदी गांव के काफी नजदीक तक पहुंच गई है। जिससे अब जमीन का खतरा भी आजादनगर गांव के ग्रामीणों पर मंडरा रहा है। जिससे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गईं हैं। दूसरी तरफ सुहेली नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। जिससे कई गांवों में जलभराव हो गया है और ग्रामीण खासे चिंतित हैं।
मझगईं। मझगईं इलाके के चौखड़ा फार्म के खेतिहर इलाके के साथ ही भगवंतनगर गुलरा जाने वाले मार्ग पर सुहेली नदी का दो से ढाई फुट पानी चलने लगा है। एकमात्र रास्ता होने के कारण लोग जान जोखिम में डालकर निकलने को विवश हैं।
शारदा नदी उफनाई, घरों में घुसा बाढ़ का पानी
बिजुआ। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोग घरों की छतों और ऊंचे स्थानों या फिर स्कूलों में शरण लिए हुए हैं।
अचानक बाढ़ का पानी आ जाने से घरों में रखा अनाज, राशन, बिस्तर, कपड़े सब कुछ भीगकर खराब हो गया है। ग्राम पंचायत करसौर के चकपुरवा, नयापुरवा में बहुत बुरा हाल है। रंजीत यादव, प्रदीप कुमार यादव, रामनरेश यादव, सुनील कुमार यादव, छोटेलाल आदि के परिवार घर छोड़कर चले गए हैं। कीडे़ मकोड़े घरों में घूम रहे हैं। शारदा नदी के किनारे के गांव मेहंदी, गुजारा, बझेड़ा, ढखिया खुर्द, इमलिया फार्म, बेलहासिकटिहा आदि गांवों में तीन से चार फुट तक पानी भरा हुआ है। संवाद