लगुचा पीएचसी का मामला, टीम ने खुद को एक कमरे में किया बंद
अब पीएचसी पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होने पर ही लगाए जाएंगे टीके
फरधान। पहले टीका लगवाने को लेकर पीएचसी लगुचा में ग्रामीणों का टीकाकरण टीम से विवाद हो गया। ग्रामीणों ने महिला सीएचओ की स्कूटी की चाभी छीनकर उन्हें धमकाया। इस पर टीम ने खुद को पीएचएसी के एक कमरे में बंद कर लिया। नाराज ग्रामीणों ने कमरे की खिड़कियों पर ईंट-पत्थर चलाए, जिससे खिड़की के शीशे टूट गए। बुधवार को इस मामले में उपद्रवी ग्रामीणों के खिलाफ तहरीर दी जाएगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरधान के अंतर्गत आने वाली पीएचसी लगुचा में पीएचसी प्रभारी डॉ. धनीराम को 400 डोज वैक्सीन मिली थी। एएनएम पूनम मिश्र, सीएचओ हेमलता वर्मा टीकाकरण करवा रहे थे। पीएचसी पर ग्रामीणों की काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। सभी एक-दूसरे को धक्कामुक्की कर जल्दी टीका लगवाने की कोशिश कर रहे थे। इसको लेकर स्टाफ से विवाद हो गया। तीन बजे तक 220 लोगों का ही टीकाकरण हो पाया था। उसके बाद ग्रामीणों ने पीएचसी प्रभारी से गाली-गलौज करने लगे।
टीकाकरण कर रही एएनएम पूनम मिश्रा से अभद्रता करने के साथ सीएचओ हेमलता की स्कूटी की चाभी छीन ली। टीम ने टीकाकरण बंद कर किसी तरह खुद को पीएचसी में बंद कर लिया। इससे ग्रामीणों ने उपद्रव करते हुए पीएचसी पर ईंट-पत्थर फेंके। इससे खिड़की के कांच टूट गए। प्रभारी डॉ. धनीराम ने सूचना देकर पुलिस को बुलाया। सूचना के एक घंटे बाद पहुंचे एक सिपाही ने लोगों को वहां से हटा दिया और लौट गया। टीकाकरण कर रही टीम सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए टीकाकरण बंद वापस सीएचसी फरधान चली आई।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित बाजपेयी ने बताया पीएचसी प्रभारी और टीकाकरण कर रही टीम से ग्रामीणों ने अभद्रता करते हुए पीएचसी पर तोड़फोड़ की हैं। थाना खीरी के प्रभारी निरीक्षक को सूचना दी गई, वह भी मौके पर नहीं आए। एक सिपाही पहुंचा था वह भी कुछ देर रुकने के बाद चला। इसलिए टीकाकरण बन्द करा दिया गया हैं। जब तक विभाग सुरक्षा व्यवस्था नहीं करता तब तक टीकाकरण नहीं कराया जाएगा। उपद्रव करने वाले ग्रामीणों पर बुधवार को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।