तमाम प्रयासों के बावजूद नहीं रुक रहा कटान
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लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र के माथुरपुर गांव में घाघरा नदी के कटान की वजह से 14 परिवारों ने घर तोड़कर सड़क पर डेरा डाल लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें अब तक प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली है। इस वजह से वे खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। हालांकि, डीएम की फटकार के बाद कटान रोधी कार्य तेज हुआ है, मगर विभाग को अब तक कटान रोकने में कामयाबी नहीं मिल सकी है।
धौरहरा तहसील के माथुरपुर, सुजानपुर और कुर्तैहिया गांवों को बचाने के लिए बना बांध कटने के बाद घाघरा नदी ने माथुरपुर को अपनी जद में ले लिया है। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर बाढ़ खंड तेजी से कटान रोधी कार्य कर रहा है।
एसडीएम राजेश कुमार और तहसीलदार आदित्य विशाल सहित राजस्व टीम की मौजूदगी में दिन-रात काम होने के बावजूद कटान अब तक नहीं रुक पाया है। घरों को नदी में समाता देख माथुरपुर गांव के त्रिलोकीनाथ, द्वारिका, श्रीराम, प्रेम प्रकाश, कल्लू, पंचम, सतीश, प्यारेलाल, रामलखन, रामदीन, दिनेश, महेश, सियाराम और रामसागरी घरों को तोड़कर गांव से पलायन कर गए।
लालापुर परिवार संग सड़क पर डेरा डाले हुए हैं। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि घर तोड़कर पलायन करने वाले लोगों को सरकारी सहायता का प्रावधान नहीं है। फिर भी जो संभव होगा सरकारी सहायता दी जाएगी।