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दूसरी डोज लगवाने में अव्वल रहे बुजुर्ग

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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण से बचाव का तरीका सिर्फ वैक्सीनेशन है। इसके बावजूद हर वर्ग के लोग इसमें भी लापरवाही बरत रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की हैं। जबकि इस तरह की लापरवाही युवाओं के साथ उनके घर परिवार वालों के लिए भी मुसीबत बन सकती है। अब तक जहां सात प्रतिशत बुुजुर्ग दूसरी डोज लगवा चुके हैं। वहीं युवाओं का प्रतिशत सिर्फ 0.25 है। ऐसी स्थिति चिंताजनक है।
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कोरोना की पहली लहर की अपेक्षा दूसरी ने जमकर तबाही मचाई। कोरोना की भयावहता को देखते हुए शासन ने दूसरी लहर आने से पहले ही टीकाकरण कराना शुुरू कर दिया। मगर, इसमें भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। सबसे पहले हेल्थ केयर वर्कर और उसके बाद फ्रंट लाइन वर्करों के वैक्सीनेशन से शुरूआत हुई। इसके बाद 45 साल से अधिक उम्र और अंत में 18 से 44 साल तक के लोगों का टीकाकरण होना शुरू हो गया। मगर, इसमें भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। न तो शत प्रतिशत टीकाकरण हेल्थ केयर वर्करों का हुआ और न ही फ्रंट लाइन वर्कर और न ही 18 प्लस और 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का। जबकि कोरोना की दूसरी लहर ने 15 दिन में ही जमकर तबाही मचाई। इसके बावजूद दूसरी डोज लगवाने कोताही बरतना सभी को मुश्किल में डाल सकता है।
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टीका लगवाने वाले- पहली डोज- दूसरी डोज, प्रतिशत
हेल्थ केयर वर्कर- 15212, 11517,76
फ्रंट लाइन वर्कर - 18943, 9464,50
18 से 44 साल तक-256673, 4592,0.25
45 साल से अधिक- 306756, 59199, सात
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वर्जन
कोरोना की दोनो डोज लगवाना जरूरी है। दोनो डोज लगने के बाद ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी। इसलिए टीकाकरण की पूर्ण खुराक लेने में किसी तरह की कोताही न बरतें। अब हर शनिवार को दूसरी डोज लगाने के लिए ही अभियान चलेगा। इसलिए निकटम टीकाकरण केंद्र पर जाकर टीकाकरण पूरा जरूर करा लें।
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-डॉ. आरपी दीक्षित, एसीएमओ एवं प्रभारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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