मुकदमा दर्ज होने के बाद और बिगड़ा मामला
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को गदनिया और महंगापुर में किसानों ने काले झंडे दिखाए थे। इस घटना के अगले ही दिन 26 सितंबर को महंगापुर में एक मुकदमा अमनीत सिंह और उसके दो साथियों के खिलाफ दर्ज कराया गया। दूसरा मुकदमा गदनियां में महेंद्र सिंह समेत 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराया गया था। आरोप था कि अमनीत ने काले झंडे दिखाने का वीडियो बनाकर वायरल किया था। किसी ने कोविड 19 के नियमों का पालन भी नहीं किया था।
किसान समूह और भाजपाई भी आए सामने
27 सितंबर को किसानों पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया। अगले ही दिन किसान समूहों ने मंत्री पर उनके लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर निघासन में विरोध प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि मंत्री के दबाव में पुलिस ने उनके घरों में दबिश देकर महिलाओं से अभद्रता की। वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वालों पर मुकदमा दर्ज न कराने का आरोप लगाकर थाने का घेराव कर लिया। उन्होंने सीओ कार्यालय का भी घेराव कर हंगामा किया।