पलियाकलां। कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद सरकार ने प्रदेश में मंडी शुल्क की पुरानी व्यवस्था को लागू कर दिया है। इसको लेकर व्यापार मंडल ने विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मंडी सचिव को दिया है। इसमें मंडी शुल्क समाप्त किए जाने की मांग की गई है।
मंडी समिति पहुंचकर व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मंडल सचिव अंबरीश सैनी को दिया है। इसमें कहा गया है कि पांच जून 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा पूरे देश में मंडियों का लाइसेंस व गेटपास व अन्य प्रावधानों को समाप्त कर दिया था। इससे व्यापारियों को जहां राहत मिली थी वहीं भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा था। लेकिन कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद प्रदेश में मंडी शुल्क की पुरानी व्यवस्था को लागू कर दिया है जिससे उद्योग जगत एवं व्यापारी समाज में रोष व्याप्त है। बाहर से आने वाले उद्यमी जिन्होंने अपना उद्योग प्रदेश में स्थापित किया है वह अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। ज्ञापन में प्रदेश में मंडी शुल्क को समाप्त किए जाने, मंडी के अंदर कार्य करने वाले व्यापारियों को लाइसेंस जारी करके यूजर चार्ज व अन्य किसी माध्यम से आधा प्रतिशत शुल्क लगाने, मंडी की दुकानों को फ्री होल्ड रजिस्ट्री कराने की मांग व्यापारियों ने की है। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष अनूप मिश्रा, महामंत्री चांद कुमार जैन, तहसील अध्यक्ष बलराम गुप्ता, कोषाध्यक्ष अनिल वर्मा, जफर अहमद टीटू, राधेश्याम गुप्ता, अखिलेश जायसवाल आदि व्यापारी पदाधिकारी मौजूद रहे। संवाद