मानक के अनुरूप होने पर अब किसान अपना धान मनचाहे सेंटर पर बेच सकेंगे
डीएम ने राजापुर मंडी का दौरा कर किसानों से की बातचीत
लखीमपुर खीरी। शासन ने सरकारी धान खरीद में टोकन व्यवस्था को अब खत्म कर दिया है, जिससे किसानों को अपना धान बेचने के लिए अब क्रय केंद्रों पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब किसान किसी भी केंद्र पर अपना धान बेच सकेंगे।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कार्यभार संभालने के दूसरे दिन शनिवार अपराह्न 12.30 बजे राजापुर मंडी का दौरा कर क्रय केंद्रों पर धान खरीद का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं पूछीं। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने विभिन्न क्रय एजेंसियों के स्थापित धान क्रय केंद्र देखें। इस दौरान धान की गुणवत्ता भी देखी। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसान का धान नम है तो उसे सुखाकर उसकी खरीद करें। इस दौरान उन्होंने किसान सलक्षण सिंह से बातचीत की। किसान सलक्षण ने बताया कि उनकी खरीद हो रही है। डीएम ने पूछा कोई पैसा तो नहीं मांग रहा तो किसान ने कहा न कहा।
मोतीपुर ओयल निवासी किसान राकेश बिहारी त्रिपाठी से बातचीत के दौरान डीएम ने बताया कि शासन ने टोकन व्यवस्था को खत्म कर दिया है। धान मानक के अनुरूप होने पर अब किसान अपने मनचाहे सेंटर पर जब चाहें धान बेच सकते हैं। इस दौरान उन्होंने धान बेचने क्रय केंद्र पर आए किसान हरजीत सिंह, गुरमेज सिंह, अवतार सिंह से मुलाकात कर पूछा कि उन्हें धान विक्रय में असुविधा तो नहीं हुई। किसानों के जवाब से डीएम पूरी तौर से संतुष्ट नजर आए।
डीएम ने मंडी के सचिव सुधांशु कुमार से मंडी में नीलामी प्रक्रिया की जानकारी लेकर निर्देश दिए कि यदि किसी किसान का मानक विहीन धान है तो उसे नीलामी प्रक्रिया के जरिए वाजिब मूल्य दिलाएं। मंडी सचिव सुधांशु कुमार ने बताया कि जिन किसानों द्वारा तत्काल पैसे की जरूरत पर नीलामी के जरिए बिक्री की जाती है, उनसे सहमति पत्र भी लिया जाता है। डीएम ने सहमति पत्र की पंजिका देखी, जिसमें अंकित किसान जियाउल हक से फोन पर बातचीत कर नीलामी के जरिए धान बेचने का कारण जाना।
किसान ने डीएम को बताया कि उसे पैसे की सख्त जरूरत थी इसलिए उसने अपना धान नीलामी के जरिए बेचा, ताकि उसे तत्काल पैसा मिल सके। इस दौरान सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एडीएम संजय कुमार सिंह, एसडीएम सदर राजेश कुमार, एएमओ प्रमोद गुप्ता आदि मौजूद रहे।