38 गैंडों की बन चुकी है डीएनए प्रोफाइल, बाकी का काम जारी
लखीमपुर खीरी। अगले सप्ताह दुधवा के पर्यटन परिसर में मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण होने जा रहा है। इसमें उन प्रभागों के वनाधिकारी हिस्सा लेंगे जहां बाघों की उपलब्धता है। इस बार टाइगर एस्टीमेशन (अनुमानीकरण) के साथ ही हाथियों और गैंडों की भी गणना की जाएगी। टाइगर एस्टीमेशन 2022 की तैयारी शुरू हो गई है। किस तरह की वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी, कितने चरणों में होगा, इस बारे में प्रदेश भर के वनाधिकारी दुधवा में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश में ऐसे 18 वन प्रभाग चिह्नित किए गए हैं जहां बाघ हैं। इन प्रभागों के प्रभागीय वनाधिकारी मास्टर ट्रेनर्स के रूप में दुधवा टाइगर रिजर्व में प्रशिक्षण लेंगे। इसके बाद यह मास्टर ट्रेनर अपने अपने वन प्रभागों में टाइगर एस्टीमेशन में हिस्सा लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण का काम पूरा होने के बाद दिसंबर से ही टाइगर एस्टीमेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह तीन चरणों में होगा।
मुख्य वन संरक्षक और दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक को टाइगर एस्टीमेशन के लिए उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 ऐसे वन प्रभाग हैं जहां बाघ पाए जाते हैं। इनमें से तीन प्रभाग दुधवा नेशनल पार्क, कर्तनिया घाट और बफर जोन दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा हैं।
वर्ष 2018 में हुए टाइगर एस्टीमेशन में डीटीआर में करीब 105 बाघ पाए गए थे। इसके साथ ही दक्षिण खीरी वन प्रभाग में भी टाइगर एस्टीमेशन कराया जाएगा। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी और गोला रेंज में करीब 16 से 20 बाघ होने का अनुमान है। यह दोनों रेंज मानव-बाघ संघर्ष के लिए संवेदनशील मानी गई हैं।
टाइगर एस्टीमेशन के साथ हाथी और गैंडों की होगी गणना
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि टाइगर एस्टीमेशन के साथ ही जंगली हाथियों और गैंडों की भी गणना होगी। हाथियों की गणना प्रदेश में टाइगर एस्टीमेशन के पहले चरण में ही की जाएगी, जबकि गैंडों की गणना केवल दुधवा में ही होगी। उत्तर प्रदेश में केवल दुधवा में ही गैंडे हैं, दूसरी जगह नहीं। गैंडों की गणना के साथ उनकी डीएनए प्रोफाइल भी बनेगी। उन्होंने बताया कि गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन और फ्रेज टू में कुल 48 गैंडे हैं जिनमें 42 वयस्क और छह बच्चे हैं। इनमें से 38 गैंडों की डीएनए प्रोफाइल पहले ही बनाया जा चुका है। जबकि दुधवा में हाथियों की संख्या करीब 155 है।
टाइगर एस्टीमेशन 2022 के लिए मास्टर ट्रनर्स का प्रशिक्षण अगले सप्ताह दुधवा के पर्यटन परिसर में होगा। प्रदेश भर में टाइगर एस्टीमेशन के साथ हाथियों की गणना भी की जाएगी। इसी दौरान दुधवा में गैंडों की भी गिनती की जाएगी और उनका डीएनए प्रोफाइल भी बनेगा।- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व