दहेज की खातिर जुलाई 2003 में कर दी गई थी विवाहिता की हत्या
मोहम्मदी। अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मदी सुरेंद्र पाल सिंह की अदालत ने दहेज मांगने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में तीन लोगों को आठ वर्ष की सजा सुनाई है, साथ ही जुर्माना भी लगाया है।
अपर सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रभात यादव ने बताया कि थाना मोहम्मदी के गांव पकरिया निवासी लाला राम ने तीन जुलाई 2003 को थाना पसगवां में मुकदमा दर्ज कराया था। उसने अपनी पुत्री की शादी छह साल पहले बचिगांवा के मजरा धियरपुरवा निवासी वेद पाल से की थी। आरोप है कि वेदपाल, ससुर नत्थू, सास सोमवती उर्फ गीता सुरेश, उमादेवी पत्नी सुरेश ने उसकी पुत्री की दहेज के लिए हत्या कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने वेदपाल, उमादेवी और सुरेश को आठ वर्ष का कारावास पांच हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। दहेज उत्पीड़न के मामले में दो वर्ष का कारावास तीन हजार रुपये की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। न्यायालय ने नत्थू लाल और सोमवती को दोषमुक्त कर दिया है। संवाद
कोर्ट के आदेश पर दो के खिलाफ
सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज
गोला गोकर्णनाथ। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने कोर्ट के आदेश पर दो लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है।
पीड़िता ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराए मुकदमे में कहा है कि वह अनुसूचित जाति की है। विपक्षी काफी हेकड़ और दबंग किस्म के हैं और आपस में मित्र हैं। 7 अक्टूबर 2020 को गुरप्रीत सिंह निवासी भगतापुर लखरावां पीड़िता के पति को मजदूरी करने के लिए बुलाने उसके घर आया। उस समय घर पर कई लोग थे। पति ने मजदूरी पर जाने से मना कर दिया जिस पर वह नाराज होकर जाति सूचक गाली गलौज करने लगा। उसी दिन शाम को 6:30 बजे महिला शौच के लिए घर से बाहर गई थी। तभी गुरप्रीत सिंह और उसके गांव निवासी सतीश मिल गया। दोनों उसे गन्ने के खेत में खींच ले गए और तमंचे के बल पर दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। संवाद