लखीमपुर खीरी। लोकसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार से वाहन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई, जो शनिवार दोपहर तक चलेगी। जनपद के करीब सभी रूटों के छोटे-बड़े वाहनों को अधिग्रहित किया जा रहा है। इसमें मतदान होने तक कई रूटाें पर लोगों को सवारियों की दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी।
जनपद में 13 मई को खीरी और धौरहरा लोकसभा सीट पर मतदान होना है। करीब ढाई हजार वाहन लगाए जाएंगे। इसमें 830 निजी व सरकारी बसें, 850 हल्के वाहन, 160 डीसीएम, 140 पिकअप और करीब 300 माल वाहन शामिल हैं। एआरटीओ आलोक कुमार ने बताया कि चुनाव के लिए करीब पांच हजार वाहनों के अधिग्रहण के नोटिस पूर्व में जारी किए जा चुके हैं।
शुक्रवार से वाहन अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। तय समय पर जो भी वाहन उपलब्ध नहीं होगा, उसके मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिग्रहित होने वाले वाहनों को जीआईसी मैदान, आईटीआई और राजापुर मंडी में खड़ा कराया जा रहा है।
मैगलगंज रूट पर बढ़ जाएगी समस्या
लखीमपुर से मैगलगंज करीब 60 किलोमीटर दूर है। इस रूट पर प्राइवेट बसों का संचालन होता है। हजारों की संख्या में यात्रियों का आना-जाना रहता है। इस रूट पर दौड़ने वाली अधिकांश बसें चुनाव ड्यूटी में लग जाएंगी। ऐसे में लोगों के आगे परिवहन की बड़ी समस्या हो जाएगी।
फूलबेहड़ रूट पर मैजिक का संकट
लखीमपुर से फूलबेहड़ रूट पर यातायात का एक मात्र साधन मैजिक है। सुबह से देर शाम मैजिक सड़कों पर फर्टाटा भरती हैं। अब इस रूट की अधिकांश मैजिक चुनाव में अधिग्रहित हो गई हैं, ऐसे में शनिवार को इस रूट पर दिक्कतें बढ़ेंगी। मैजिक के अलावा इस रूट पर अन्य कोई भी साधन नहीं है।
पलिया, निघासन रूट पर कम हो जाएंगे वाहन
पलिया और निघासन रूट पर बड़ी संख्या में प्राइवेट बसों का संचालन होता है। दोनों रूटों पर प्राइवेट बस ही यातायात का एक मात्र सहारा है। अधिकांश बसें चुनाव में जाने से दोनों रूट पर आवागमन की दिक्कत रहेगी। लखीमपुर से पलिया 90 और निघासन करीब 50 किलोमीटर है।
बसों में बढ़ेगी भीड़, ट्रेनों में नहीं मिलेगी जगह
लखीमपुर से गोला जाने के लिए रोडवेज बस के साथ ही मैजिक चलती हैं। बड़ी संख्या में लोग मैजिक से जाते है। इस रूट की अधिकांश मैजिक चुनाव में चली जाएगी। ऐसे में ट्रेन और रोडवेज बसों में भीड़ बढ़ जाएगी। मोहम्मदी जाने के लिए रोडवेज के अलावा निजी बसें ही संचालित होती हैं। इसमें करीब 60 फीसदी बसों को चुनाव में लगाया जा रहा है। ऐसे में मोहम्मदी जाने के लिए बड़ी दिक्कतें होगी।