संसाधनों के अभाव में खेल प्रतिभाएं तोड़ रहीं दम
कैसे साकार होगा खेलेगा इंडिया, बढ़ेगा इंडिया का सपना
लखीमपुर खीरी। खेलों को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर पर भले ही दावे हो रहे हों, लेकिन जिले में इनकी हकीकत बिल्कुल उलट है। खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार करने के लिए शहर से पांच किलोमीटर की दूरी पर लालपुर में स्टेडियम का निर्माण कराकर नौ खेलों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई। मगर, आज तक किसी कोच की तैनाती नहीं हुई है। इन हालातों में बिना संसाधन और कोच के सरकार का खेलेगा इंडिया और बढ़ेगा इंडिया का सपना आखिर कैसे साकार हो सकेगा।
खेलों के मामले में जिले की स्थिति बेहद दयनीय है। न तो स्टेडियम में खेल प्रतिभाओं को निखारने के पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही स्कूलों में ही अब हर दिन खेल की कक्षाएं ही बची हैं। ऐसे में छात्रों में खेलो के प्रति रुचि और खेल भावना का विकास ही नहीं हो पा रहा है। हालांकि जिले में खेलों की पौध तैयार करने के लिए सालों पहले लाखों की लागत से लालपुर में स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण हुआ। इसके बाद निर्धारित खेलों के लिए संसाधन भी मुहैया कराए गए। बावजूद इसके कई साल बाद भी इनके कोच की तैनाती नहीं हो सकी।
खेल
1. हॉकी
2. फुटबॉल
3. एथलेटिक्स
4. बैडमिंटन
5. तैराकी
6. कबड्डी
7. क्रिकेट
8. बॉलीवॉल
9. हैंडबॉल
वर्तमान में सिर्फ जिला क्रीड़ा अधिकारी की है तैनाती
स्टेडियम में इस समय सिर्फ जिला क्रीड़ा अधिकारी की तैनाती है, जो हॉकी खेल के कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं मानदेय पर 11 माह के लिए फुटबॉल और एथलेटिक्स कोच को रखा गया था। इनका आवेदन नवीनीकरण न होने से ये दोनों पद खाली है।
स्कूलों में हो मैदान तो
खेलों का हो विकास
जिले के अधिकांश स्कूलों में खेल के मैदान तक नहीं हैं। जहां है भी तो वहां खेल शिक्षकों की तैनाती नहीं है। ऐसे में स्कूलों में छात्रों को खेल की बारीकियां बताने वाला कोई नहीं। इस कारण विद्यार्थी इनका अभ्यास तक नहीं कर पाते। तमाम छात्र-छात्राएं चाहकर भी खेलों की ओर नहीं बढ़ पा रहे है।
लाखों की लागत से बंद पड़ा स्वीमिंग पूूल
गत वर्षों में स्टेडियम परिसर में लाखों की लागत से स्वीमिंग पूल का निर्माण हुआ। मगर, कई साल बाद भी कोच की तैनाती नहीं हो सकी। हालांकि बिना कोच के जिला क्रीड़ा अधिकारी ने तैराकी की पौध तैयार करने की मुहिम शुरू की, लेकिन उस पर भी कोरोना ने ग्रहण लगा दिया।
स्टेडियम में नौ खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है। अगले माह से फुटबॉल और एथलेटिक्स के कोच की तैनाती हो जाएगी। हालांकि कोच की तैनाती के लिए पत्र शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही कोच की तैनाती हो जाएगी।
- सुनील कुुमार भारती, जिला क्रीड़ा अधिकारी