लखीमपुर खीरी। मांगों को लेकर लामबंद हुए एंबुलेंस कर्मचारियों ने जिले की 87 एंबुलेंस के पहिये मंगलवार को भी जाम रखे, जिससे स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यहां बता दें कि एंबुलेंस संचालन का टेंडर जिस कंपनी को मिला है उसकी मनमानी के विरोध में एंबुलेंस कर्मी नसिरूद्दीन मौजी मैदान में एंबुलेंस खड़ी कर धरना दे रहे है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं तब प्रदर्शन और चक्का जाम हड़ताल जारी रहेगी। इससे स्वास्थ्य विभाग से लेकर मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यदि जल्द ही इसका निष्कर्ष न निकला तो मरीजों की परेशानी बढ़ना तय है।
मोहम्मदी। तीन दिन से एंबुलेंस के पहिए थमे हैं। हड़ताल से लोगों को मरीज लाने ले जाने की दिक्कत हुई है। एंबुलेंस चालक जितेंद्र सिंह ने बताया कि कि हड़ताल चल रही है। इमरजेंसी के लिए सीएचसी पर एक एंबुलेंस तैयार है।
किराए के वाहन लेकर अस्पताल पहुंचीं गर्भवती महिलाएं
फरधान। मंगलवार को नसबंदी कराने के बाद महिलाओं को घर तक भेजने के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ा। इससे मरीज एवं तीमारदार परेशान हो उठे। सबसे ज्यादा दिक्कत प्रसूताओं को हुई। अंगूरा पत्नी राजेश कुमार निवासी सौठन, गासिया पत्नी शराफत अली निवासी मोहम्मदपुर, विमलेश पत्नी भारत निवासी नरदवल, नीतू देवी पत्नी महेंद्र निवासी रहमतनगर, संगीता पत्नी सिद्धार्थ निवासी मुर्तिहा, राजकुमारी पत्नी विजय कुमार निवासी अमकोटवा, सुशीला देवी पत्नी परशुराम निवासी अमान लाला से आई प्रसूताओं ने बताया कि किराये के वाहनों को लेकर अस्पताल आए हैं। एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संवाद
जिले में एंबुलेंस
102 सेवा- 46
108 सेवा-44
एएलएस- चार
एंबुलेंस स्टाफ के प्रतिनिधियों और कंपनी के लोगों में लखनऊ में वार्ता का दौर जारी है। उम्मीद है जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ