डोकरपुर नरवा माइनर के किनारे बाघिन की मौजूदगी से दहशत
भीखमपुर। डोकरपुर नरवा माइनर के किनारे खेत की रखवाली कर रहे किसान दंपती को बाघिन और शावकों ने दौड़ा लिया। किसी तरह दंपती ने शोर मचाकर अपनी जान बचाई।
डोकरपुर गांव के दक्षिण नरवा माइनर के किनारे बीरमपुर निवासी हरेराम और उसकी पत्नी जशोदा अपने खेत की रखवाली करने बृहस्पतिवार शाम छह बजे गए थे। आग जलाकर बैठे थे तभी बाघिन और शावक आवारा गाय का शिकार करने के लिए दौड़ पड़े। बाघिन और शावकों को देख हरेराम और पत्नी जशोदा ने टार्च की रोशनी डालकर शोर मचाया। इससे बाघिन और शावक कुछ देर बाद एक गन्ने के खेत में घुस गए। पड़ोस में खेतों की रखवाली कर रहे किसान हरेराम और उसकी पत्नी जशोदा को सुरक्षित घर लाए। जहां पत्नी जशोदा बेहोश होकर गिर गईं। इलाज के बाद उन्हें होश आया।
यहां बता दें कि दीवाली के दिन रामकुमार निवासी बीरमपुर जानवरों के लिए चारा लेने गए थे। चारा काट ही रही थी, कुछ दूरी पर बाघ देखकर शोर मचाया। कुछ दिन पहले डोकरपुर निवासी किसान राम औतार और भल्लर, सर्वेश, आत्माराम समेत कई किसानों को बाघिन और शावकों के पगचिन्ह मिले थे। आंवला जंगल से सटे गाव में बाघिन और शावकों की मौजूदगी से किसान और ग्रामीण भयभीत हैं। मौके पर पहुंचे वनरक्षक राजेश पाल और बाघ मित्र ने बाघिन और शावकों की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए किसानों, ग्रामीणों को अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी है।