लखीमपुर खीरी। कोतवाली सदर क्षेत्र में रहने वाली किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और उससे दुष्कर्म करने के मामले में 12 साल बाद फैसला आया है। एडीजे नूरी अंसार ने दुष्कर्मी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी ने बताया कोतवाली सदर क्षेत्र में रहने वाली एक किशोरी चार मार्च 2013 को शहर में एक विद्यालय में प्री बोर्ड परीक्षा देने के लिए गई थी। तभी हरगांव थाना क्षेत्र के गांव मोतीपुर का निवासी पप्पू जफर छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। काफी देर बाद भी वह अपने घर नहीं पहुंची तो परिवार वालों ने तमाम खोजबीन के बाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने खोजबीन के बाद पप्पू जफर के कब्जे से छात्रा को बरामद किया था। किशोरी ने अदालत में कलम बंद बयान दर्ज कराते हुए अपने साथ हुई जोर जबरदस्ती के बारे में बताया था। इस मामले में पप्पू जफर गिरफ्तार हुआ था। सोमवार को अदालत में फैसला सुनाते हुए एडीजे ने दोषी पाए जाने पर पप्पू जफर को दस साल की कैद की सजा सुनाई है।