परिजन ने पुलिस की पिटाई से मौत होने का लगाया आरोप
सदर कोतवाली पुलिस ने 1.10 किग्रा गांजे के साथ किया था गिरफ्तार
लखीमपुर खीरी। जिला कारागार में निरूद्घ एनडीपीएस के बंदी की तबीयत खराब होने के बाद बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। उसे सदर कोतवाली पुलिस द्वारा चार दिन पहले 12 जून 2022 को 1.10 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार कर चालान भेेजा गया था, जिसके बाद उसे जेल में निरूद्घ किया गया था। बंदी की मौत की खबर मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और पुलिस की पिटाई से बंदी की मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव बालूडीहा निवासी 32 वर्षीय रवि सिंह उर्फ डब्ल्यू को एसआई अजय मिश्रा समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने 10 जून 2022 को पकड़ा था। पुलिस ने रवि सिंह के विरूद्घ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसके पास से 1.10 किलोग्राम गांजा बरामद किया था।
पुलिस ने 12 जून को रवि सिंह का चालान भेजा था। जेल प्रशासन के मुताबिक, बुधवार को रवि सिंह की तबीयत खराब हुई तो उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर उसे बृहस्पतिवार की सुबह 10.30 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान अपरान्ह 3.30 बजे उसकी मौत हो गई। इसकी खबर जब परिजन को मिली तो वह लोग जिला अस्पताल पहुंचे। शव देखकर पत्नी पारूल और परिजन रोष में आ गए और कोतवाली पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया। पत्नी ने मृतक के शरीर पर पिटाई से चोटों के निशान होने का आरोप लगाया है। डॉक्टरों ने शव को मोर्चरी में रखवाकर पोस्टमार्टम कराने की तैयारी शुरू कर दी।
जिला कारागार के अधीक्षक पीपी सिंह ने बताया कि बंदी रवि सिंह शराब पीने का आदी था। उसे एल्कोहॉलकि विड्राल सिंड्रोम सिमटम थे। उसे जेल में निरूद्घ किए जाने के बाद से उसकी निगरानी की जा रही थी, क्योंकि वह बेड से उठकर भागने लगता था। भागने के कारण वह बेड से गिर जाता था, जिससे उसे बांधकर रखा गया था। ताकि उसे चोट न लगें। जेल अधीक्षक ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और सीजेएम द्वारा नामित अधिकारी मामले की जांच करेंगे। उधर, मृतक की पत्नी पारूल का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे पत्नी व दो बच्चे चार वर्षीय ओम सिंह व दो वर्षीय रुद्र सिंह छोड़ गया है।
बंदी की पिटाई किए जाने के आरोप निराधार हैं। गिरफ्तारी के बाद मेडिकल कराया गया, जिसके बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। जेल में पहुंचने पर उसकी फिटनेस जांच कराने के बाद उसका दाखिला किया गया था। इस दौरान बंदी ने न तो पिटाई के आरोप लगाए और न ही मेडिकल जांच में चोटों की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर सच सामने आ जाएगा।
- संदीप सिंह, सीओ सिटी