क्राइम ब्रांच आशीष मिश्र को आज ले जा सकती है घटना स्थल पर
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सह अभियुक्त आशीष पांडे की भी कोर्ट ने जमानत अर्जी की खारिज
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र उर्फ मोनू की कोर्ट ने बुधवार को जमानत अर्जी खारिज कर दी। उधर, सह अभियुक्त आशीष पांडे की भी अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आशीष मिश्र से पहले आशीष पांडे और लवकुश को गिरफ्तार किया गया था।
भाजपा से निघासन विधानसभा की दावेदारी करने वाले आशीष मिश्र मोनू की ओर से तिकुनिया कांड में झूठा फंसाए जाने की दलील उनके अधिवक्ता अवधेश सिंह ने दी तो आशीष पांडेय की ओर से रामाशीष मिश्रा ने जमानत अर्जी पेश की। उन्होंने सीजेएम चिंताराम की अदालत में बताया कि उसका घटनाक्रम से कोई मतलब नहीं है, उसे गलत फंसाया जा रहा है। इसी तरह दूसरे अभियुक्त आशीष पांडेय ने भी खुद को निर्दोष बताया। सीजेएम चिंताराम ने अभियोजन पक्ष के विरोध के बाद दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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तीन अक्तूबर 2021 को हुए तिकुनिया हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू नौ अक्तूबर को पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच दफ्तर पहुंचे थे, जहां 12 घंटे तक पूछताछ के बाद एसआईटी ने रात 12 बजे के बाद कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड मांगी थी। हालांकि कोर्ट ने अगले दिन रविवार का अवकाश होने के कारण सोमवार को सुनवाई की थी, जिसमें मंगलवार से तीन दिन की पुलिस रिमांड आशीष मिश्र से पूछताछ के लिए दी गई थी।
मंगलवार को पुलिस ने दिन भर क्राइम ब्रांच के दफ्तर में ही आशीष मिश्रा से पूछताछ की थी। दूसरे दिन बुधवार को भी पुलिस ने क्राइम ब्रांच दफ्तर में ही आशीष मिश्र मोनू से पूछताछ की। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर आशीष मिश्र को ले जाने की प्लानिंग में बदलाव करते हुए अब बृहस्पतिवार को घटनास्थल यानी तिकुनिया की ओर जाने की बात कही है। डीआईजी/विवेचक उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि दो दिनों तक आशीष मिश्रा से क्राइम ब्रांच के दफ्तर में ही पूछताछ की गई है। तीसरे दिन रिमांड की अवधि समाप्त होने से पहले साक्ष्य जुटाने के लिए आशीष मिश्रा को घटनास्थल ले जाएंगे।