लखीमपुर खीरी। जिले में बुुखार का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को पांच बच्चों सहित 17 लोग जिला अस्पताल में भर्ती हुए। उधर, चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती दो बच्चों को एईएस की संभावना के चलते आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
बुखार आने पर हरगांव निवासी अमर सिंह आठ वर्षीय पुत्र अनूप, शहर की बाबूराम सर्राफ नगर कॉलोनी निवासी अजय कुमार पांच माह के पुत्र विनय, मोहल्ला हाथीपुर निवासी अब्दुल गफ्फार डेढ़ साल के पुत्र अफसान अली, ओयल निवासी साहिद अली ढाई वर्षीय पुत्र आदाब, फूलबेहड़ निवासी हरिकृष्ण छह माह के पुत्र अंश को लेकर जिला अस्पताल आए। हालत गंभीर होने पर सभी को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। वहीं बुधवार को वार्ड में भर्ती हुई सात वर्षीय ज्योति पुत्री रामसहाय एवं साढ़े तीन वर्षीय निहारिका पुत्री अशोक निवासी फरधान को एईएस की संभावना लगने पर आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
उधर, बुखार आने पर मेडिकल पुरुष वार्ड में मितौली निवासी 35 वर्षीय फकीरा, तिकुनिया निवासी 40 वर्षीय धर्मेंद्र, 24 वर्षीय कुलदीप, 65 वर्षीय रामदयाल, 40 वर्षीय संजय शुक्ला, राजापुर निवासी 50 वर्षीय रामनरेश, 31 वर्षीय पिंकू और महिला वार्ड में राजापुर निवासी 36 वर्षीय वंदना, फुलबेहड निवासी 18 वर्षीय रोली , 23 वर्षीय सबीना, 26 वर्षीय बिट्टू एवं 17 वर्षीय जूही को भर्ती किया गया।
केहुआ गांव में एक मरीज में हुई डेंगू की पुष्टि
मोहम्मदी। क्षेत्र के गांव केहुआ में आई एक बालिका में डेंगू की पुष्टि हुई है। सीएचसी अधीक्षक ने ग्राम प्रधान को फोन करके गांव में ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कराने को कहा।
गांव में दिल्ली से रिश्तेदारी में आई एक बालिका को बुखार आ रहा था। बुधवार को उसे सीएचसी में दिखाया तो डेंगू की पुष्टि हुई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र सिंह कहते हैं कि करीब 80 लोगों की डेंगू की जांच हुई, जिसमें एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है। मरीज को दवा देकर घर भेज दिया गया है।
उन्होंने सलाह दी है कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें और ग्लूकोस का प्रयोग कई बार करें। रात में मच्छरदानी लगाएं, बच्चे फुल आस्तीन के कपड़े पहने। गांव में प्रधान पति कमलेश वर्मा ने ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कराने के लिए कहा है। गांव की आबादी एक हजार के करीब है। संवाद