भाजपा नेता के करीबी के नाम है आवंटन
रविवार को मीट व्यापारियों ने खाली कराने के लिए डीएम को सौंपा ज्ञापन
खुले में जानवरों को काटने पर लगे प्रतिबंध पर मीट व्यापारियों ने शहर के स्लाटर हाउस को कब्जा मुक्त कराने की मांग करने लगे हैं। मीट व्यापारियों ने स्लाटर हाउस की जगह पर चल रहे बिल्डिंग मैटेरियल भंडार के सामने रविवार को प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन देकर इसे खाली कराने की मांग की।
नगर पालिका के स्लाटर हाउस की जमीन पर चल रहे बिल्डिंग मैटेरियल भंडार के सामने मीट व्यापारियों ने रविवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे मीट व्यापारियों का कहना है कि पुलिस और पालिका प्रशासन ने मीट व्यापार पर प्रतिबंध लगा रखा है और जानवरों को स्लाटर हाउस में काटने की बात कह रहे हैं। व्यापारियों का कहना है पालिका का स्लाटर हाउस निघासन रोड स्थित गुलजार नगर में है, जिसे पालिका ने किराए पर किसी को दे रखा है और अब वहां पर बिल्डिंग मैटेरियल का कारखाना चल रहा है। मीट व्यापारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर स्लाटर हाउस की जगह की कब्जामुक्त कराके चालू कराने, वहां पर दुकानों का निर्माण करवाकर शीतगृह बनवाने की मांग की है। मीट व्यापारियों ने स्लाटर हाउस कब्जामुक्त होने तक मांस का कारोबार किए जाने की मोहलत देने की मांग की है। इस दौरन अब्दुल मुईद, हारून बशीर, रहीश, मुन्ना, मुनव्वर, मोहम्मद रफीक, हामिद अली, जहांगीर सहित कई लोग मौजूद रहे।
भाजपा नेता का है कब्जा, ठंडे बस्ते में पड़ा प्रकरण
पालिका सदस्यों का कहना है कि भाजपा के एक नेता ने अपने रिश्तेदार के नाम पर स्लाटर हाउस की जमीन किराए पर ले रखी है, जिस पर पहले स्कूल और वर्तमान में बिल्डिंग मैटेरियल का कारखाना चल रहा है। सदस्यों ने बताया कि स्लाटर हाउस की जमीन का मुद्दा कई बार बोर्ड बैठक में उठाया गया। 29 अक्तूबर 2013 को भी जब स्लाटर हाउस के लिए जमीन खरीदने का विचार रखा गया था, जिसका हम लोगों ने विरोध किया था और स्लाटर हाउस की जमीन खाली कराने की मांग की थी, जिस पर अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन्होंने भी मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।
स्लाटर हाउस की जमीन का प्रकरण सुनने में मिला है, लेकिन प्रकरण काफी पुराना है। मामला दिखवाऊंगा,यदि स्लाटर हाउस पर अवैध कब्जा है तो उसे हटवाया जाएगा।
अवनींद्र कुमार, अधिशाषी अधिकारी