स्कूलों में मना नाना, नानी और दादा, दादी दिवस
शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को संस्कारवान बनाया जा सके, जिससे वे अपने बड़े बुजुर्गों को सम्मान कर सकें, इसके लिए शासन के निर्देश पर एक अक्तूबर को उच्च प्राथमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में नाना, नानी एवं दादा दादी दिवस मनाया गया। हालांकि अग्रसेन जयंती पर अवकाश होने के कारण नाना, नानी और दादा, दादी दिवस मनाए जाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। शिक्षकों ने छात्रों को अपने बड़े बुजुुर्गों का सम्मान करने और अनकी सेवा करने का संकल्प दिलाया।
गोला गोकर्णनाथ। त्रिलोकगिरि मंदिर स्थित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में सेवानिवृत्त शिक्षक अशोक अवस्थी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बड़ों के सम्मान करने के लिए प्रेरित किया गया। नगर पालिका सदस्य काशी विश्वनाथ तिवारी ने सुबह उठकर बड़ों का अभिवादन करने के लिए विद्यार्थियों को संकल्प दिलाया। विशिष्ट अतिथि रामलखन मिश्र ने बताया कि दादा दादी, नाना नानी की कहानियां और लोरियां कहीं गुम हो गई हैं, जो सीखें अबोध बालकों को बचपन में मिलती थीं अब वह टीवी, मोबाइल में खो गई हैं। इस मौके पर प्रधानाध्यापक रामकुमार, पुष्पा देवी, सरोज बाला, रजनी मिश्रा आदि मौजूद रहे।
मोहम्मदी। प्राथमिक विद्यालय बहादुरनगर में बच्चों ने बड़े बुजुर्गों का सम्मान करने की शपथ ली। इस मौके पर प्रधानाध्यापक सुधीर पांडे, नीलम मिश्रा, सुमनलता, रविता राठौर, पूनम सहित कई अभिभावक मौजूद रहे।
बांकेगंज। ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक नारंग, जलालपुर, बांकेगंज प्रथम, द्वितीय, दौलतपुर, सौखिया, छत्तीपुर, भरिगवां आदि में बच्चों ने स्कूल पहुंचे बुजुर्ग दादा.दादी नानी के साथ समय बिताया। इसके बाद बुजुर्गों के लिए सम्मान के लिए आयोजित समारोह में बच्चों ने बुजुर्गों के सम्मान का संकल्प लेकर फूलों की माला पहनाकर उनका चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर बीईओ विनोद गौतम, आदित्य अग्निहोत्री, एबीआरसी डॉ यूसुफ अली, मुकेश वर्मा, दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
बिजुआ। बेसिक स्कूलों में ग्रांड पैरेंट्स डे धूमधाम से मनाया गया। स्कूलों में बच्चों के अभिभावकों के अलावा गांव के वरिष्ठ नागरिक भी पहुंचे। पूर्व माध्यमिक स्कूल नौसर गुलरिया में इस मौके पर मौजूद पूर्व शिक्षक मातादीन राजवंशी ने वरिष्ठ नागरिकों का अभिनंदन किया। बच्चों को बताया गया कि हमारे बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं। इनका सम्मान हमारा अभिमान है। बच्चों ने बुजुर्गों के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके अलावा प्राथमिक स्कूल मालपुर, भीरा, गुलरिया, चौखड़ा, डुड़वा, नौसर जोगी, यूपीएस पल्हनापुर, बझेढ़ा समेत सभी स्कूल में मनाया गया।