ठेकेदार को फायदा पहुंचाने को टेंडर में किया खेल
न्यूनतम रेट से वर्क आर्डर में तीन गुना ज्यादा दिया रेट
स्थानीय सरजू सहकारी चीनी मिल में ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर में हेराफेरी का मामला सामने आया है। शुगर बैग हैंडलिंग के टेंडर निगोशियन के दौरान प्रति 100 बोरी न्यूनतम रेट 63 रुपये था, लेकिन जब ठेकेदार को मिल ने वर्क आर्डर जारी किया तो उसमें रेट करीब तीन गुना ज्यादा कर दिया गया। इतना ही नहीं शुगर बैग हैंडलिंग के अन्य कामों में भी निगोसिएशन के दौरान रेट बढ़ा दिए गए। इससे जहां चीनी मिल को लाखों रुपये का चूना लगा, वहीं ठेकेदार और अधिकारियों की जेबें गर्म हो गईं।
वर्ष 2016-17 पेराई सत्र के लिए शुगर बैग हैंडलिंग के ठेके के लिए निविदाएं मांगी गईं थीं। इस दौरान जब निगोसिएशन किया गया तो प्रति 100 बोरी 63 रुपये, गोदाम संख्या एक से दो में 50 किलोग्राम की प्रति 100 बोरी 122 रुपये, गोदाम संख्या चार 50 किलोग्राम की प्रति 100 बोरी 135 रुपये बताए गए। न्यूनतम रेट होने पर विनीत कुमार सिंह नानपारा को ठेका दे दिया गया। इसके बाद अधिकारियों ने कोआपरेटिव चार्ट और टेंडर फार्म में हेराफेरी कर 63 के स्थान पर 205 रुपये, 100 के स्थान पर 118 रुपये, 122 रुपये के स्थान पर 172 रुपये का वर्क आर्डर जारी कर दिया। इस बात का खुलासा होने पर प्रतिद्वंद्वी ठेकेदारों में रोष फैल गया। ठेकेदारों ने प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ के प्रबंधक निदेशक से मामले की लिखित शिकायत की।
पेराई सत्र 2015-16 में भी हुई थी हेराफेरी
पिछले पेराई सत्र 2015-16 में हुए शुगर बैग हैंडलिंग का ठेका सादिक अजीत के नाम हुआ था। इस दौरान भी कोपरेटिव और टेंडर फार्म में हेराफेरी कर वर्क आदेश में रेट दो गुना बढ़ा दिए गए थे। प्रतिद्वंद्वी ठेकेदार ने जब इसकी शिकायत चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक से की और मामले की जांच हुई तो मिल प्रधान प्रबंधक ने तुलनात्मक चार्ट में लिपिकीय त्रुटि मानी और बढ़ाए गए रेट कम कर दिए। लिपिकीय त्रुटि मानकर अधिकारियों ने अपनी गर्दन फंसने से बचा ली।
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मैने शुक्रवार को ही चार्ज संभाला है। इसलिए मुझे मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी कर ही कुछ बता पाऊंगा।
-लालता प्रसाद, जीएम सरजू सहकारी चीनी मिल, बेलरायां खीरी