शपथपत्र देकर छात्र-छात्राओं की विद्यालय में हुई इंट्री
छह निष्कासित छात्रों के भविष्य पर फैसले में अभी देरी
जवाहर नवोदय में बुधवार को अभिभावकों-छात्रों ने विद्यालय अनुशासन समिति के समक्ष पेश होकर घटनाक्रम के बारे में अपना पक्ष रखा, जिसके बाद अनुशासन की शर्तों पर घर भेजे गए 26 छात्रों की विद्यालय में वापसी का रास्ता साफ हो गया है। वहीं निष्कासित छह छात्रों के भविष्य पर अभी फैसला होने में समय लगेगा, क्योंकि पहले दिन सिर्फ एक छात्र और उसके अभिभावक को बुलाया गया। अन्य पांच छात्र और उनके अभिभावक एक-एक कर बयान दर्ज कराए जाएंगे।
बता दें कि 26 अगस्त से 13 सितंबर 2016 के बीच छात्रों ने प्रधानाचार्य को हटाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रशासन ने कई बार समस्याओं को दूर कराने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन प्रधानाचार्य को हटाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने कक्षा 11 के छह छात्रों का निष्कासित कर दिया था। इनके समर्थन में अन्य छात्रों ने भी हुंकार भरी थी, जिस पर उन छात्रों को भी घर भेज दिया गया था। विद्यालय अनुशासन समिति ने बुधवार को घर भेजे गए छात्रों के अभिभावकों को बुलाकर स्पष्टीकरण लिया। इसके बाद समिति ने शपथपत्र के साथ 26 छात्रों की विद्यालय में वापसी सुनिश्चित कर दी। जबकि छह निष्कासित छात्रों के भविष्य का फैसला होने में अभी देरी लगेगी।
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अनुशासन समिति के समक्ष पहले दिन एक निष्कासित छात्र और अभिभावक उपस्थित हुए। अन्य छात्रों के पेश होने के बाद रिपोर्ट डीएम को सौपी जाएगी, जिसके बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
-अनीता कुमारी, प्रधानाचार्य