बाइक चला रहा जौनपुर जिले का निवासी प्रभात सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रभात को मितौली सीएचसी लाया गया। जहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सूचना पर मृतक के परिजन भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
समय से आती एंबुलेंस तो बच सकती थी अश्वनी की जान
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद अश्वनी के दोस्त राहुल वर्मा ने बताया कि ट्रक की रफ्तार ज्यादा थी। हादसे के तुरंत बाद एंबुलेंस को सूचना दी गई। एंबुलेंस ने पहुंचने में 50 मिनट का समय लगा दिया। अगर समय से एंबुलेंस आती तो शायद अश्वनी की जान बच सकती थी। बताया कि आसपास के लोग भी खड़े रहे, लेकिन मदद के लिए आगे नहीं आए। पुलिस को दी तहरीर में भी एंबुलेंस के देर से आने की बात कही है।
घर का इकलौता पुत्र था अश्वनी
सड़क हादसे में जान गंवाने वाला अश्वनी यादव घर का इकलौता पुत्र था। उनके घूमने जाने की जानकारी घरवालों को नहीं थी। नैनीताल से मैप के सहारे सीतापुर की ओर जा रहे थे। रास्ते में हादसा हो गया। मितौली थाना प्रभारी राजू राव ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। 24 किमी की दूरी तय करने में एंबुलेंस को कुछ समय तो लगा होगा।