डीआईओएस कार्यालय पर प्रदर्शन करते शिक्षक।
धरना प्रदर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री को भेजा 21 सूत्री मांग पत्र
लखीमपुर खीरी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर अधिकार मंच के बैनर तले कर्मचारियों ने 21 सूत्री मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया।
डीआईओएस कार्यालय परिसर में धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पुष्कर ने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ सरकार राजनीति कर रही है। पूर्व सरकार ने शिक्षामित्रों को समायोजित कर दिया था। मौजूदा सरकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का बहाना लेकर शिक्षामित्रों को वेतन 45000 रुपये से 10000 रुपये पर लाकर रख दिया, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के लिए कई विकल्प खुले रखे थे। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार त्रिपाठी ने शिक्षकों, रसोइयों व अनुदेशकों की मांगे रखीं। रसोइयों का मानदेय 10000 करने की मांग उठाई। अनुदेशकों का मानदेय पूर्व की भांति बहाल करने की मांग की। मिनिस्ट्रयल कर्मचारी संघ ने लिपिक वर्ग की समस्याओं को रखा।
महासचिव मनोज शुक्ला ने कहा कि शिक्षकों ने अपनी ताकत के बल पर केंद्र के समान वेतनमान हासिल किया है और भविष्य में एकता के बल पर पुरानी पेंशन भी हासिल करेंगे। धरने में श्रुति दीक्षित, राजेश कुमार गौतम, अजय कुमार मिश्रा, सौरभ शुक्ला, रितेश मिश्रा, रजनीश वर्मा, परसराम शामिल हुए।