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फाइलों में दम तोड़ रही खिलाड़ियों को तैयार करने की योजना

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लखीमपुर खीरी। खेलो इंडिया योजना के तहत जनपद में ब्लॉक स्तर पर स्टेडियम विकसित किए जाने हैं, लेकिन कई साल बाद भी किसी ब्लॉक में स्टेडियम नहीं बन पाया है।
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चार ब्लॉकों पलिया, निघासन, बेहजम और मितौली में जमीन मिलने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी ब्लॉक में स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इससे जनपद में खेलों को बढ़ावा देने की मंशा विफल साबित हो रही है।
खेलो इंडिया कार्यक्रम की घोषणा 2017 में हुई थी, जिसके बाद 2018 से इसे योजना के तौर पर लागू किया गया। इससे केवल एथलीट को ही नहीं, बल्कि खेल का एक नया ढांचा बनाने की कवायद शुरू की गई है। ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को खेलों में अपना भविष्य बनाने के प्रति जागरूक और अवसर प्रदान करने के लिए सभी ब्लॉकों में स्टेडियम बनाए जाने हैं।
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ब्लॉक मुख्यालय पर स्टेडियम का निर्माण कराने के लिए कम से कम पांच एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी। जिला युवा कल्याण विभाग ने सभी ब्लॉकों से जमीन उपलब्धता कराते हुए प्रस्ताव मांगे थे। निघासन विधायक शशांक वर्मा ने करीब छह एकड़ जमीन विभाग के नाम हस्तांतरित कराते हुए प्रस्ताव भेजा था। इसी तरह पलिया, बेहजम और मितौली में छह से सात एकड़ तक जमीन युवा कल्याण विभाग के नाम हस्तांतरित करते हुए प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन अब तक किसी स्टेडियम का निर्माण कराने के लिए बजट नहीं मिल सका है। शेष 11 ब्लॉकों में जमीन की उपलब्धता नहीं होने से इनके प्रस्ताव ही नहीं भेजे जा सके हैं और अब नए प्रस्ताव भेजे नहीं जाएंगे, क्योंकि पिछले महीने जुलाई में सरकार ने खेलो इंडिया कार्यक्रम में नए प्रस्तावों को भेजने पर रोक लगा दी है।
चार ब्लॉकों में स्टेडियम बनाने के लिए जमीन मिली है, जिनके प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। अभी बजट न मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया है। अब सरकार ने पिछले महीने आदेश जारी कर संख्या सीमित कर दी है, जिससे नए प्रस्ताव भेजने पर रोक लग गई है।
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- भगवानदास, जिला युवा कल्याण अधिकारी
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