दूसरे सोमवार को छोटी काशी में उमड़ेगें लाखों श्रद्धालु, दूर-दराज के कांवड़ियों ने जमाया डेरा
प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए, बैरीकेडिंग लगाई
शिव की प्रिय नगरी छोटी काशी में सावन के दूसरे सोमवार पर लाखों श्रद्धालु उमड़ेंगे। रविवार से ही शिवभक्त कांवड़ियों ने डेरा जमाना शुरू कर दिया है। सोमवार को भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए भगवा चोला पहने कंधे पर सजी-धजी कांवड़ रखें, बोलबम का जयकारा लगाते हुए कांवड़ियों के जत्थे आकर्षण का केंद्र बने हैं। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा का व्यापक बंदोबस्त कर नगर के मुख्य मार्गो पर बैरिकेडिंग कर नगर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिसकर्मी बैरीकेडिंग पर मुस्तैद होकर वाहनों को दूसरे मार्गों पर डायवर्ट करने में लगे हैं। दूर- दराज से पहुंचे जत्थों से छोटी काशी और आसपास का क्षेत्र शिव भक्ति में सराबोर हो गया है। वहीं, दूर दराज से सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा तय कर आए कांवड़ियों ने लखीमपुर रोड पर साजिद नगर, सीजीएनपीजी कालेज, भूतनाथ मंदिर, अलीगंज रोड पर मंडी समिति, खुटार रोड पर अहमदनगर के क्लेश हरण शिव मंदिर, साईं धाम, मोहम्मदी रोड पर कंजा बाबा देवस्थान सहित नगर के स्कूल कालेजों, नीलकंठ मैदान मंदिर परिसर, रोडवेज बस अड्डा, त्रिलोकीनाथ मंदिर परिसर में डेरा जमा लिया है।
कहीं बोल बम तो कहीं चिलम के दम
छोटी काशी में सावन मेले में शिव भक्त अपने ही रंग में रंगे से लगते हैं। कहीं डीजे पर मचलते बोल बम के जयकारे लगाते तो कहीं चिलम की धुन में मस्त होकर भोले बाबा के मस्त मलंग भक्ति में लगे हैं।
भोले की भक्ति में दिव्यांगता भी आड़े नहीं आती
भोले की भक्ति का नशा ऐसा है कि दिव्यांगता भी भक्ति में आड़े नहीं आती। निघासन के चकरा गांव निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग रामशरण लाठी के सहारे अपने मित्रों के साथ भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने आए हैं। उनका कहना है कि शिव की भक्ति से सारे बिगड़े काम बन जाते हैं।
जहां मिल गई छांव वही कर लिया विश्राम
भोले के दीवाने जब कंधे पर कांवड़ रखकर अपने शिव का अभिषेक करने चलते हैं तो उन्हें अपने पैरों के छालों की परवाह नहीं होती जहां छांव मिल जाती है वहीं पर अपने पांव को विश्राम देने के लिए ठहर जाते हैं और विश्राम कर फिर निकल पड़ते हैं।
शिव भक्तों ने कांवड़ियों को पिलाया शर्बत
छोटी काशी में आने वाले कांवड़ियों के लिए शिव शिष्य समिति के पदाधिकारियों ने लखीमपुर रोड कोटवारा जंगल में पूरे महीने के लिये शर्बत की व्यवस्था की है, जहां इस रोड से आने वाले कांवड़ियों को शर्बत पिलाया गया। इस मौके पर रवि लोहिया, केके शुक्ल, अशोक कुमार मुन्ना, विशाल राय, धीरज बाजपेयी, आकाश शर्मा आदि सेवा में लगे रहे।