मोहम्मदी। दुर्लभ केतकी का फूल केवल मोहम्मदी नगर के मेहंदी बाग में ही खिलता हैं। यह फूल समूचे भारत वर्ष में दुर्लभ माना जाता है। केतकी की झाड़ियां नगर के एतिहासिक मेहंदी बाग में हैं। मई जून महीने की धूप और गर्म लू के थपेड़ों के बीच बाग के अंदर खिलने वाला केतकी का फूल पूरे वातावरण को अपने मनमोहक सुगंध से भर देता है। यह 200 साल से वनस्पति विशेषज्ञों के विस्मय (आश्चर्य) का कारण और मोहम्मदी की शान बना हुआ है।
जिले के गजेटियर्स और मोहम्मदी नगर पालिका के अभिलेखों में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार खैराबाद और मोहम्मदी के चकलेदार हकीम नवाब मेहंदी अली खां ने 1799-1820 के बीच मोहम्मदी में एक खूबसूरत बाग लगाया था, जो मेहंदी बाग के नाम से प्रसिद्ध हुआ। यह बाग कुल 10.09 एकड़ में फैला है। नवाब मेहंदी अली ने कहीं से केतकी का पौधा मंगाकर बाग में लगाया था। उत्तर भारत में केतकी का यह दुर्लभ फूल केवल मोहम्मदी के मेहंदी बाग में ही खिलता है। बाद में बाग की स्थिति खराब होने पर यादगार और मनोरंजन के दृष्टिकोण से नोटीफाइड एरिया कमेटी ने शासन की स्वीकृति से इस बाग को नए सिरे से लगाने का निर्णय लिया। इसका शुभारंभ तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर नवाब मिर्जा मोहम्मद हुसैन अली खां ने 1931 में किया था। मिर्जा मोहम्मद अली खां हकीम नवाब अली खां के नाती थे। वायजबुल अर्ज के सर्कुलर नंबर 20 में साल 1863 में मेहंदी बाग में केतकी का उल्लेख है।
मोहम्मदी नगर पालिका के प्रधान लिपिक के रूप में कार्यरत शिवनंदन रस्तोगी ने बताया कि इसकी पौध कई जगह लगाई गई लेकिन कहीं पनप नहीं सका। हालांकि कुछ वर्ष पहले वन विभाग ने इसकी पौध तैयार कर भीरा क्षेत्र के मगही गांव में लगाई जहां यह पौधा पनपा तो लेकिन काफी समय तक उसमें फूल नहीं आए। लंबे अरसे बाद उसमें फूल खिला लेकिन मोहम्मदी के मेहंदीबाग में खिलने वाले केतकी के फूल जैसी गुणवत्ता उसमें नहीं है। केतकी का फूल भुट्टे के आकार का होता है। यह पीले रंग का होता है। फूल की लंबाई 7 से 8 इंच होती है। केतकी की झाड़ी की उंचाई आठ से नौ फुट तक होती है। इसमें इतनी तीव्र खुशबू होती है कि इसकी महक से पूरा वातावरण सुवासित हो जाता है। बताते हैं कि इससे महंगा इत्र बनता है। केतकी के फूल में अनेक औषधीय गुण हैं।
बड़े हुक्मरानों को भेंट किया जाता था फूल
शिवनंदन रस्तोगी बताते हैं कि ब्रिटिश शासनकाल में जब मोहम्मदी के मेहंदीबाग में सीजन का पहला फूल खिलता था तो उसे वायसराय को भेजा जाता था। आजादी के कुछ महीने पहले जून माह में खिला केतकी का फूल लार्ड माउंटबेटन को भेजा गया था। इसके बाद काफी समय तक यह फूल प्रदेश के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को भेजे गए। पिछले साल प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मेहंदीबाग का केतकी फूल भेंट किया गया था। अब बाग की देखरेख की जिम्मेदारी नगरपालिका मोहम्मदी के हाथ में है। बाग की देखभाल के लिए स्थायी रूप से माली और चौकीदार नियुक्त हैं।
जिले की ही नहीं प्रदेश की भी शान
मोहम्मदी के विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मोहम्मदी एतिहासिक नगर है। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम तक मोहम्मदी ही जिला मुख्यालय था। स्वतंत्रता संग्राम में भी मोहम्मदी नगर और क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा है। यहां खिलने वाला केतकी का फूल जिले ही नहीं उत्तर प्रदेश की शान है।