खेतों में तैयार खड़ी फसलों को हुआ भारी नुकसान
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से हुआ जलभराव
रविवार अलसुबह तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश से धान और गन्ने की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश से मौसम में तरावट आ गई लेकिन खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलें तेज हवाओं से गिर गईं। जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
एक सप्ताह के अंदर तीसरी बार हुई बारिश से मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया है करीब तीन दिन पहले जिले के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने से फसलों को नुकसान हुआ था। शनिवार को दोपहर में हल्की बारिश हुई लेकिन इसके बाद मौसम साफ हो गया। रात करीब नौ बजे हल्की बूंदा बांदी के बाद रातभर आसमान में बादल छाए रहे। रविवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे एक बार फिर तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई जो करीब आधा घंटा तक लगातार जारी रही।
बारिश के साथ तेज हवाओं के चलते खेतों में तैयार खड़ी धान और गन्ने की फसल पलटकर खेतों में गिर गई। इससे इन फसलों का उत्पादन कम होने की आशंका पैदा हो गई है। उधर बारिश से रामलीला मैदान में लग रही दुकानों को बारिश से काफी नुकसान हुआ है। शहर में कई जगह हुए जलभराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव से लोगों को आवागमन में परेशानियां उठानी पड़ी हैं।
गोला गोकर्णनाथ, पलिया, मैलानी बांकेगंज, बिजुआ, निघासन, बेहजम, मितौली, मोहम्मदी में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की सूचना मिली है। किसानों का कहना है कि बारिश से उतना नुकसान नहीं हुआ है जितना तेज हवाओं के कारण हुआ है। हालांकि लोगों को अक्तूबर माह में भी पड़ रही उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम के बदलते तेवर से किसानों की पेशानी पर बल पड़ गए हैं।
कुकरा। शनिवार रात लगभग दो बजे तेज हवा के साथ हुई वर्षा से खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई।
क्षेत्रीय किसानों रामेश्वरदयाल, परमेश्वर, बसीम अंसारी, नसीमुदजान अंसरी, चौवाद, कादर, फकीरे, इदरीश, रहीश, बसीउल्ला, सलमा बेगम, अनीस, उस्मान, रजीउल्ला, समीउल्ला आदि नुकसान को लेकर चिंतित हैं। रात को चली तेज हवा से गुड्डू के घर में खड़ा यूकेलिप्टिस का पेड़ गिर गया जिससे वह बाल बाल बच गया।