मैलानी। दो अक्तूबर से विस्टाडोम कोच चलाए जाने की प्रबल संभावनाओं के बीच मंगलवार को विस्टाडोम कोच का ट्रायल मैलानी से बिछिया के बीच किया गया। मंगलवार को दोपहर एक बजे विस्टाडोम कोच को लेकर स्थानीय रेल अधिकारी मैलानी से बिछिया के लिए रवाना हुए। पता चला है कि रेलवे की ओर से दो अक्तूबर से विस्टाडोम कोच को चलाने की फिलहाल तैयारियां पूरी हैं, लेकिन अभी भी कुछ औपचारिकताएं बाकी रह गई हैं। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा, तो विस्टाडोम कोच का संचालन दो अक्तूबर से शुरू हो जाएगा।
एसी टूरिस्ट रेल बस रहेगा ऑफिशियल नाम
मैलानी। मध्य प्रदेश के डॉ. भीमराव अंबेडकर कोचिंग कांप्लेक्स से विस्टाडोम कोच की तर्ज पर बनकर यहां आए दो विस्टाडोम कोच को पर्यटन की दृष्टि से मैलानी से बिछिया के बीच चलाया जाना है। एनई रेलवे ने पर्यटकों को दुधवा नेशनल पार्क की सैर कराने के लिए इन कोच को तैयार करवाया है। ये कोच विस्टाडोम कोच की तर्ज पर बने हैं न कि ये विस्टाडोम कोच हैं। विस्टाडोम कोच में शीशे की छत और अंदर घूमने वाली कुर्सियां होती हैं, जबकि इन कोच में सिर्फ शीशे की खिड़कियां बड़ी की गई हैं और घूमने वाली कुर्सियों के बजाए सोफानुमा सीटें हैं और छत भी शीशे के बजाए साधारण है। हां दोनों कोच एसी हैं। इसलिए रेलवे ने इसे एसी टूरिस्ट रेल बस ऑफिशियल नाम दिया है।
पर्यटकों को दुधवा नेशनल पार्क के जंगलों की सैर कराने के लिए विस्टाडोम कोच की तर्ज पर दो कोच तैयार करवाए गए हैं, न कि ये विस्टाडोम कोच हैं। इसी से रेलवे ने इन कोच को एसी टूरिस्ट रेल बस ऑफिशियल नाम दिया है।
- महेश गुप्ता, जनसंपर्क अधिकारी, एनईआर, लखनऊ
बांकेगंज में पैसेंजर ट्रेन का इंजन हुआ फेल
मैलानी-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन 05085 मंगलवार दोपहर साढ़े तीन बजे मैलानी से चलकर बांकेगंज रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां पहुंचने के बाद ट्रेन का इंजन फेल होने से दो घंटे तक ट्रेन बांकेगंज स्टेशन पर खड़ी रही। लोको पायलट ने इसकी सूचना स्टेशन अधीक्षक समेत रेलवे के अधिकारियों को दी। मैलानी से रिलीफ इंजन आने के बाद शाम साढ़े पांच बजे यहां से ट्रेन लखनऊ के लिए रवाना हुई। जिससे ट्रेन में बेठे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। रिलीफ इंजन आने के बाद यात्रियों को राहत मिली।