रामसनेही दास (65) गुलरीपुरवा मंदिर के पुजारी हैं। उन्होंने 25 वर्षो से अन्न त्याग रखा है। रविवार दोपहर करीब एक बजे वह हवन करने के बाद वे देवी मंदिर में गए। वहां मौजूद लोगों को खास पूजा करने की बात कहते हुए बाहर भेज दिया और उसके बाद ब्लेड से जीभ काटकर देवी को चढ़ा दी। कुछ देर के बाद मंदिर में लोग जब पूजा करने के लिए गए तो पुजारी को लहूलुहान हालत में देखकर घबरा गए। हालत गंभीर होते देख ग्रामीणों ने पुजारी को सीएचसी में भर्ती कराया।
सीएचसी अधीक्षक पीके रावत ने बताया कि काफी देर होने के कारण खून अधिक निकल गया था, जिसके चलते उनकी हालत बिगड़ गई है। पुजारी रामसनेही के बड़े बेटे दुर्गेश ने बताया कि मन्नत पूरी होने पर उन्होंने ऐसा किया है।