पानी के तेज बहाव में सड़क कटने पर थारू क्षेत्र के 40 गांवों को जाने का रास्ता हुआ बंद
पलियाकलां। पलिया-चंदनचौकी रोड स्थित पोंगरा नाले की पुलिया शनिवार को पानी के तेज बहाव से पूरी तरह टूट गई। इससे थारू क्षेत्र के 40 गांवों को आने-जाने का रास्ता बंद हो गया है।
पलिया-चंदनचौकी रोड पर पिछले कई सालों से पोंगरा नाले पर बनी पुलिया क्षतिग्रस्त थी। इससे लोग अपनी जान जोखिम में डालकर निकल रहे थे। सुहेली नदी के उफनाने से बाढ़ का पानी पोंगरा पुलिया से टकराने लगा था। इससे कुछ सड़क कटने से रह गई थी। शनिवार को पानी के तेज बहाव में बाकी बची सड़क कट गई, जिससे पुलिया पूरी तरह टूटने से पूरी सड़क कट गई। इससे थारू क्षेत्र के करीब 40 गांवों को जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया।
शनिवार को वाहनों की कतारें लगी रहीं। मजबूरी में लोग लंबी दूरी का चक्कर लगाकर गौरीफंटा के डिगनिया होकर चंदनचौकी जाने को विवश हुए। सड़क कटने के बाद पलिया-चंदनचैकी रोड पर पूरी तरह से आवागमन ठप हो गया है।
फिर उफनाई सुहेली नदी, गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
पलियाकलां। नेपाल की मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ने का असर दुधवा नेशनल पार्क के बीच से निकली सुहेली नदी पर दिखने लगा है। सुहेली नदी का जलस्तर शनिवार को काफी बढ़ गया। सुहेली नदी उफनाने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
पलियाकलां इलाके के निषाद नगर घोला गांव में दो फुट तक पानी भर गया है। घरों में पानी भरने से ग्रामीण ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ आने से गांव का प्राथमिक स्कूल जलमग्न हो गया हे। इसके अलावा चंबरबोझ, मकनपुर, मुंजहा नंबर एक, मुंजहा नंबर दो, मुंजहा नंबर चार आदि गांवों में भी बाढ़ का पानी घुसने लगा है।
दूसरी तरफ दुधवा नेशनल पार्क के बीच बसी सठियाना रेंज में भी बाढ़ का पानी भर गया है। वन विभाग के सठियाना वन विश्राम भवन में जलभराव हो गया। यहां बनी कैंटीन व वन विभाग के अधिकारियों के आवासों में भी पानी घुस गया है, जिससे उन्हें खासी दिक्कतें हो रही हैं।
मोहाना और कर्णाली नदी का पानी सड़क पर पहुंचा
तिकुनियां। मोहाना और कर्णाली नदी में बाढ़ से छह गांव का संपर्क कट गया है, जबकि रास्तों पर पानी भरने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी और बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने सूचना तहसील प्रशासन को दी है।
मोहाना और कर्णाली नदी बीते तीन दिन से लगातार बारिश की वजह से उफान पर हैं। बाढ़ का पानी अब सड़कों पर भी बहने लगा है, जिससे चोगुर्जी, गंगानगर, रामनगर, इंदरनगर, सूरत नगर, टांडा, मुजहा, जनकपुर गांव के लोगों में अफरातफरी है। उधर, चौगुर्जी गांव में कटान को लेकर तहसील प्रशासन गांव बचाने की कवायद में जुट गया है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार अरुण सोनकर ने टीम के साथ गांव का दौरा किया और कटान पीड़ितों से बात की है।