भागने के बाद कुछ देर कचहरी में रुका था करन
कोर्ट लॉकअप से भागने के बाद बंदी करन उर्फ बबलू कुछ देर तक कचहरी परिसर में ही रुका था। बाद में ई-रिक्शा से छाउछ चौराहा पहुंचा। छाउछ चौराहे से ट्रक में बैठकर जहानीखेड़ा तक गया। ट्रक चालक को बहन के अंतिम संस्कार में जाने की बात बताई। इस वजह से चालक ने उससे किराया भी नहीं लिया। जहानीखेड़ा उतरकर वह गांव पहुंचा और वहां से थाना बेहटा गोकुल इलाके में गया था। बताया जा रहा है कि बंदी की बहन की मौत हुई थी। वह, बहन के घर जाना चाहता था।
बंदी करन का है आपराधिक इतिहास
बंदी करन उर्फ बबलू का आपराधिक इतिहास है। उस पर लूट, हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी व गैंगस्टर का केस है। करन पर गोला कोतवाली में चार व मैलानी थाने में एक मुकदमा दर्ज है। कोर्ट लॉकअप से भागने के बाद बंदी करन पर सदर कोतवाली में भी केस दर्ज किया गया है।
इस मुकदमे में कोर्ट लॉकअप में ड्यूटी पर मौजूद मुख्य आरक्षी को भी आरोपी बनाया गया। लापरवाही बरतने के चलते आरक्षी को निलंबित भी किया गया है। बंदी को दबोचने वाली टीम में स्वाट-सर्विलांस प्रभारी हरिकेश राय, एसएसआई सुनीत कुमार एसआई जेपी यादव, संदीप यादव आदि शामिल रहे।