बेहाल मरीज ने सीएमओ और डीएम से की शिकायत
ठीक न हुुआ तो तीन दिन बाद भी यही दवा दे दी गई
सरकारी अस्पताल में दवाओं और प्रशिक्षित स्टॉफ के सरकार लाख दावे करे, लेकिन यहां सब फेल है। बगैर डॉक्टर एवं फार्मेसिस्ट के चल रही पीएचसी पर एक मरीज को पुरानी सीरिंज से इंजेक्शन लगाया गया, इसके साथ रुपये भी वसूले गए । साथ ही उसे एक्सपायर दवा भी देदी गई।
मामला पड़रिया तुला पीएचसी का है, गुलरिया निवासी नसीम बुखार आने पर दवा लेने गया, पीएचसी में कथित डॉक्टर ने उसे देखने के बाद कुछ दवाएं एवं इंजेक्शन लिखा। नसीम पर्चा लेकर पीएचसी की डिस्पेंसरी में गया तो दूसरे कर्मचारी ने उसे इंजेक्शन लगाने के लिए पुरानी सीरिंज का इस्तेमाल किया और बदले में 30 रुपये भी लिए। दवा लेकर घर पहुंचे नसीम ने एक दिन दवा खा ली, अगले दिन उसे एक कैप्सूल एक्सपायर डेट का मिला। नसीम अपनी बात की तस्दीक करने के लिए दोबारा पीएचसी पहुंचा तो वहां पर उसे दोबारा वही एक्सपायर दवा दे दी गई। सरकारी सिस्टम से परेशान होकर नसीम ने पूरे मामले की शिकायत सीएमओ और डीएम खीरी से की है।
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पीएचसी में डॉक्टर और फार्मेसिस्ट नहीं
पड़रियातुला पीएचसी में डॉक्टर की तैनाती दो साल से नहीं है, वहीं एक फार्मेसिस्ट की तैनाती भी थी, उसका भी स्थानांतरण कर दिया गया। इस समय पीएचसी में महज एक वार्ड ब्वाय की तैनाती है। बता दें कि सीएमओ ने पीएचसी पर जरूरत को देखते हुए डॉ. प्रवीन निगम को सीएचसी बिजुआ से पड़रिया तुला अटैच किया था, किन्ही वजह से उन्होंने वहां ज्वाइन नहीं किया।
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शिकायती प्रार्थना पत्र हमें अभी नहीं मिला है। हालांकि मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांचकर रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जाएगी।
-डॉ अमितेश द्विवेदी, प्रभारी-सीएचसी, बिजुआ।