साक्षरता अभियान के नाम पर भर्ती किए गए प्रेरकों को अब निरक्षरों को पढ़ाना ही पड़ेगा। बेसिक के स्कूलों में प्रेरक अब तक अपने काम करने के बजाय बच्चों को पढ़ाते नजर आ रहे थे, जिससे इस अभियान की सफलता पर उंगली उठनी तय थी। सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी अनुराग कुमार मिश्रा ने प्रेरकों के साथ बैठक कर उन्हें अपने काम में जुटने के निर्देश दिए।
प्रेरकों का चयन 15 साल से ऊपर निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए भले किया गया हो, लेकिन जिले के ज्यादातर प्रेरक अब तक स्कूल में ही पढ़ाते नजर आ रहे थे। हालांकि कुछ केंद्रो पर निरक्षरों को पढ़ाने का काम भी हो रहा है। वहीं निरीक्षण में प्रेरक भी गायब मिलने पर बताते रहे कि वे किसी दूसरे स्कूल में पढ़ा रहे थे। साक्षरता अभियान की सफलता को चूना लगता देखकर खंड शिक्षा अधिकारी अनुराग कुमार मिश्रा ने प्रेरकों की बैठक बुलाकर उन्हें उनके मूल काम को करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी ने बैठक में सभी प्रेरकों से अपने क्षेत्र के निरक्षरों की लिस्ट बनाकर उन्हें पढ़ाने को कहा है। बैठक में लोक शिक्षा समिति के ब्लाक कोआर्डिनेटर आसिफ खान भी मौजूद रहे।