डीएम हेल्पलाइन सेवा का बुधवार को हुआ शुभारंभ
अधिकारियों / कार्यालयों के चक्कर लगाने से मिलेगी लोगों को निजात
हाईटेक होते दौर में अब घर बैठे डीएम के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जनता की समस्याओं का तीव्र गति से निस्तारण कराने के लिए डीएम हेल्पलाइन सेवा की शुरुआत की गई हैै, जिसमें टोल फ्री नंबर 1800-180-5060 पर कोई भी व्यक्ति मोबाइल या फोन से कॉल कर अपनी समस्या दर्ज करा सकता है। शिकायत दर्ज होते ही शिकायतकर्ता और संबंधित विभाग के अधिकारी को क्रमांक, दिनांक एवं श्रेणी के साथ एक एसएमएस भेजा जाएगा।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम आकाशदीप ने बुधवार को सांसद अजय मिश्र सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जनता की समस्याओं के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के लिए डीएम हेल्पलाइन का शुभारंभ किया। डीएम आकाशदीप ने बताया कि शासन की अपेक्षा के अनुरूप जनसामान्य की विभिन्न प्रकार की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनना तथा उनका त्वरित निराकरण करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों के दूरभाष पर काफी संख्या में शिकायतों को सुना जाना एवं उनका त्वरित निस्तारण किया जाना जटिल कार्य है। अत: इसे अधिक व्यवहारिक बनाने के लिए टोल फ्री नंबर के माध्यम से डीएम हेल्पलाइन सेवा की शुरुआत की गई है। इस सुविधा का लाभ सीधे जनता को मिलेगा। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे अथवा कहीं से भी टेलीफोन या मोबाइल से टोलफ्री नंबर 1800-180-5060 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। हेल्पलाइन दूरभाष वाइस रिकार्डर सिस्टम द्वारा कंप्यूटर से स्थापित है। इससे शिकायतकर्ता तथा केंद्र के अधिकारी / कर्मचारी के बीच हुआ वार्तालाप कंप्यूटर में रिकार्ड हो जाएगा, जिसका आवश्यकता पड़ने पर संज्ञान लिया जा सकता है। दूरभाष से प्राप्त शिकायत को ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। शिकायत दर्ज होते ही शिकायतकर्ता और संबंधित विभाग के अधिकारी को शिकायत का क्रमांक, दिनांक एवं श्रेणी के साथ एक एसएमएस भेजा जाएगा। शिकायत का पूर्ण विवरण वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.खीरीडीएमहेल्पलाइन.काम पर उपलब्ध रहेगा। इससे कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत का स्टेट्स जान सकता है। संबंधित अधिकारी से निस्तारित आख्या प्राप्त होने पर उसकी क्रॉस चेकिंग नामित डे-आफिसर से कराई जाएगी, जो सीधे शिकायतकर्ता से वार्ता करेगा। डीएम ने बताया कि गुणवत्तापूर्वक किए गए निराकरण को ही अनुमोदित किया जाएगा। तब निस्तारण की सूचना एसएमएस से शिकायतकर्ता को भेजी जाएगी।
दोबारा कराई जा सकती है जांच
यदि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है, तो मामले की पुन: जांच कराई जाएगी। जिलास्तरीय अधिकारी से गुणवत्ता की परख कराई जाएगी। इस प्रणाली से अब आम जनता को विभिन्न अधिकारियों/कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही शिकायतकर्ता का समय एवं आने-जाने का खर्च बचेगा। इस दौरान सीडीओ अमित सिंह बंसल, एसडीएम पल्लवी मिश्रा, पीडी दिनेश कुमार सिंह, डीडीओ अनिल कुमार सिंह मौजूद रहे।