फार्मासिस्ट आज से पूर्ण रूप से शुरू करने जा रहे हैं कार्य बहिष्कार
20 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
लखीमपुर खीरी। विभिन्न मांगों को लेकर फार्मासिस्ट ने शासन को चेतावनी देते हुए दो घंटे का कई दिन तक कार्य बहिष्कार किया। बावजूद इसके जिम्मेदारों ने इनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे नाराज फार्मासिस्ट ने शुक्रवार को इमरजेंसी सेवा छोड़कर पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार का एलान किया है। इससे अस्पताल आए मरीजों को परामर्श तो मिलेगा पर दवाएं नहीं।
डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला एवं महिला अस्पताल के फार्मासिस्ट ने बृहस्पतिवार की सुबह आठ से दस बजे तक कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। इस कारण सीएचसी-पीएचसी पर सुबह दस से दोपहर 12 बजे तक दवा वितरण बंद रहा।
डीपीए मंत्री डॉ. अनिल कुमार ने फार्मेसिस्ट से एकजुट होकर निडरता के साथ आंदोलन करने का आहवान किया है। उन्होंने कहा कि शासन के बृहस्पतिवार रात तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय न लेने से शुक्रवार यानी 17 दिसंबर से पूरी तरह से कार्य बहिष्कार शुरू होगा। इस दौरान औषधि वितरण, इंजेक्शन सहित ओपीडी की समस्त सेवाएं बंद रहेंगी। इसी तरह 19 तक आंदोलन चलेगा और उसके बाद 20 दिसंबर से आपातकालीन सेवाएं और पोस्टमार्टम भी बंद कर फार्मेसिस्ट और संवर्ग अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। मांगें न मानें जाने तक सभी स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहेंगी।
कई दिन तक मांगों को लेकर दो घंटे का कार्य बहिष्कार जारी रहा, लेकिन शासन ने संज्ञान ही नहीं लिया। इसलिए मजबूरन संगठन को शुक्रवार से पूर्ण रूप से काम बंद करने का निर्णय लेना पड़ा। शुक्रवार को सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। मरीजों को परामर्श दिया जाएगा लेकिन दवा वितरण नहीं होगा।
- डॉ. एके कनौजिया, अध्यक्ष, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन शाखा लखीमपुर