पलिया की आबादी है 90 हजार से अधिक, लोगों को हो रही परेशानी
अस्पताल परिसर सहित कई अन्य जगहों पर खराब पड़े हैं हैंडपंप
पलियाकलां। 90 हजार से ज्यादा की आबादी वाले पलिया क्षेत्र में लोगों को उनकी जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। आबादी के मुताबिक लोगों को एक करोड़ 17 लाख लीटर पानी की जरूरत है। मगर उन्हें आधे से कम यानी 47 लाख 20 हजार लीटर ही पानी मिल पा रहा है। उधर, भीषण गर्मी के बीच शहर में कहीं भी नगर पालिका का प्याऊ तक नहीं दिखा है। पेयजल और दैनिक जरूरतों के लिए मतलब भर पानी न मिलने से जहां लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल परिसर समेत कई अन्य जगहों के हैंडपंप खराब हैं या फिर गंदा पानी दे रहे हैं।
पलिया शहर की करीब 90 हजार से अधिक आबादी है। गर्मी बढ़ते ही शहर में पानी की किल्लत न हो इसके लिए समय के हिसाब से सुबह, दोपहर, शाम-पानी की सप्लाई मोहल्लों में की जाती है। करीब 25 वार्डों में अलग-अलग समय पर पानी दिया जाता है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ ने होने से राहगीरों और लोगों को पीने के पानी की दिक्कत होती है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि नगर पालिका की तरफ से प्याऊ लगवाने की मांग की है ताकि जरूरतमंदों व राहगीरों को पानी मिल सके। मगर सुनवाई नहीं हुई।
नगरपालिका की माने तो प्रति व्यक्ति रोजाना 130 लीटर के हिसाब से मानक के अनुसार पानी खर्च करता है, जबकि पानी की सप्लाई दिन में 10 घंटे की होती है। जिसमें करीब 47 लाख 20 हजार लीटर पानी नगर पालिका द्वारा शहर वासियों को दिया जाता है। प्रति व्यक्ति 130 लीटर के हिसाब से अगर जोड़ा जाए तो यहां पर करीब एक करोड़ 17 लाख लीटर पानी की जरूरत है।
पलिया में पेयजल के संसाधन
वाटर पाइप लाइन- 56 किलोमीटर
नलकूप 25 केवीए- एक
मोबाइल वाटर टैंक- पांच
ओवरहेड टैंक- तीन
इंडिया मार्का हैंडपंप- 165
वाटर स्टैंड पोस्ट- 267
पेयजल के बोर की गहराई
हैंडपंप- दो नल 90 मीटर व बाकी 30 मीटर
नलकूप- 500 फिट
सभी व्यवस्थाएं हैं दुरुस्त, नहीं होगी दिक्कत : ईओ
नगर पालिका के ईओ महेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि गर्मी के सीजन को देखते हुए पालिका द्वारा पानी मुहैया कराने में कोई दिक्कत न आए इसके लिए कार्य पूरे कर लिए हैं। इंडिया मार्का हैंडपंप में भी आर्सेनिक की समस्या नहीं है। तीन ओवरहेड टैंक हैं जिनके चलते पानी की किल्लत गर्मी के सीजन में पलिया शहरवासियों को नहीं होगी।