लखीमपुर खीरी। नगर निकाय चुनाव को लेकर हलचल शुरू हो गई है। शासन स्तर पर भी नव गठित नगर पंचायत के वार्डों के गठन, परिसीमन से लेकर सीटों के आरक्षण पर मंथन चल रहा है। इससे सभासद एवं अध्यक्ष पद के लिए दावा करने वालों से लेकर मौजूदा जनप्रतिनिधियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। इन सबको चिंता सता रही है कहीं आरक्षण के चलते योजना पर पानी न फिर जाए।
नगर निकाय चुनाव का कार्यकाल पूरा होने में कुछ ही माह शेष है। इनका चुनाव नवंबर में होने की प्रबल संभावना है। इसको लेकर नगर विकास विभाग के साथ दावेदारों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग में नगर पंचायत में कम से कम 10 और अधिकतम 24 वार्ड करने एवं नगर पालिका परिषद में कम से कम 25 और अधिकतम 56 वार्ड करने सहित वार्डों के गठन में आबादी की संख्या निर्धारित करने का भी विचार चल रहा है।
दरअसल 2017 का निकाय चुनाव 2011 की जनगणना के अनुसार हुआ था और तब की आबादी के मुताबिक आरक्षण का फार्मूला तैयार हुआ था। इस बार स्थिति में काफी बदलाव है, क्योंकि इसी साल जनगणना भी होनी है। उधर, आबादी बढ़ने के साथ सीमा विस्तार की भी जरूरत है। ऐसे में आरक्षण को लेकर लोगों में विचार विमर्श शुरू हुआ है। इससे मौजूदा जनप्रतिनिधियों से लेकर सभासद और इन पदों के दावेदारों में हलचल बढ़ गई है।
जिले में चार नगर पालिका और छह नगर पंचायत - 2017 में जिले की चार नगर पालिका और छह नगर पंचायतों में चुनाव हुआ था लेकिन इस बार चार नगर पालिका और सात नगर पंचायतों में चुनाव होना है। पिछले साल नव गठित निघासन में वार्डों का गठन होगा। इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वार्ड तैयार होंगे। इसके बाद सभासद और अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण निर्धारित होगा।