मैलानी। पलिया विधानसभा के ब्लॉक बांकेगंज के गांवों में कीचड़, गंदगी और जलभराव विधानसभा चुनाव में मुख्य मुद्दे हैं। पिछले कई वर्षों से बदहाल इन गांवों की ओर से जनप्रतिनिधि पूरी तरह बेखबर हैं। परेशान ग्रामीण चुनाव के दौरान आने वाले प्रत्याशियों से जीतने के बाद इन समस्याओं को हल कराने की मांग कर रहे हैं।
कंधईपुर में मेन रोड पर भरा है पानी
ग्राम पंचायत सुवाबोझ के ग्राम कंधईपुर में गांव के बीच से होकर जाने वाले मेन रोड पर पिछले कई वर्षों से जलभराव और कीचड़ है। यह रोड मैलानी से खुटार-गोला हाईवे को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। गांव के बीचोंबीच जलभराव से वाहनों के आवागमन में दिक्कतों के साथ ही कई बार बाइक चालक दुर्घटनाग्रस्त भी हो जाते हैं। जलभराव से आसपास के ग्रामीणों को भी परेशानियां होती हैं।
खरेहटा गांव में मुख्य मार्ग पर भरा कीचड़
ग्राम पंचायत राजेपुर के गांव खरेहटा का भी हाल बुरा है। यहां कई गलियों और रास्तों पर जलभराव और कीचड़ की समस्या कई सालों से है। गांव को खुटार-गोला हाईवे से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर काफी दिनों से जलभराव के कारण कीचड़ भरा हुआ है। गांव के पानी का कहीं निकास नहीं है और न ही गलियों में नाले-नालियां बनाई गई हैं। इसी से जलभराव आम समस्या बनी हुई है।
राजेपुर में गलियों मेें है जलभराव
पलिया विधानसभा की ग्राम पंचायत राजेपुर गांव में भी रास्तों और गलियों की स्थिति बेहद खराब है। गांव में जगह-जगह रास्तों और गलियों में जलभराव की समस्या है। इलियास के घर से शकील के घर तक गली में सालों से सदैव जलभराव की समस्या बनी रहती है। जलभराव के कारण कई बार पास-पड़ोसियों में झगड़ा भी होता रहता है और थाना पुलिस भी हो चुकी है, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया है।
कीचड़ गंदगी बनी छेदीपुर की पहचान
ग्राम पंचायत थरबरनपुर के गांव छेदीपुर में पिछले पांच माह से सफाईकर्मी नहीं आने के कारण गंदगी, बजबजाती नालियां, कीचड़ ही गांव की पहचान बन गई है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी होने के साथ ही गांव में संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका भी बनी हुई है। हालांकि ग्रामीण इंद्रजीत इस बाबत जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का निवारण नहीं हो सका है।
ग्रामीण बोले- बेखबर हैं जनप्रतिनिधि
ग्राम खरेहटा निवासी चांद मंसूरी का कहना है कि खरेहटा गांव में जगह-जगह जलभराव और कीचड़ की समस्या है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है, लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं देता। इसी से समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्राम पंचायत सुवाबोझ के ग्राम नारायनपुर निवासी गुफरान ने बताया कि नारायनपुर गांव में प्रमुख मार्गों और गालियों में कीचड़, गंदगी और जलभराव निरंतर बना रहता है। इस कारण ग्रामीणों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानियां होती हैं। कभी किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
ग्राम पंचायत सलावत नगर निवासी और एडवोकेट संतोष ठाकुर का कहना है कि उनका बाइक से रोजाना कंधईपुर होकर गोला जाना होता है। कंधईपुर में गांव के बीचोंबीच मैलानी से खुटार-गोला हाईवे को जोड़ने वाले मेन रोड पर हमेशा जलभराव रहता है, जिससे वहां पर डामर रोड टूट गई है।
ग्राम छेदीपुर निवासी इंद्रजीत ने बताया कि उन्होंने गांव में चार माह से सफाईकर्मी ने आने की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से गांव में जगह-जगह कीचड़, गंदगी और जलभराव है। नालियां गंदगी से बजबजाने लगी हैं, जिनसे रोगों के पनपने की आशंका भी बनी हुई है।
खरेहटा गांव के मुख्य मार्ग पर कीचड़ का दृश्य- फोटो : LAKHIMPUR