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स्वच्छता की रेस में पिछड़ा मोहम्मदी

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मोहम्मदी के मोहल्ला भीतर स्कूल मोड़ के पास चोक नाली।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में दूसरे नंबर पर रहा था, अबकी मिली 45वीं रैंक
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मोहम्मदी। स्वच्छता के मामले में मोहम्मदी कस्बा दिन पर दिन पिछड़ता जा रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में मोहम्मदी जोन में दूसरे नंबर पर रहा था, जो इस साल काफी नीचे खिसक गया। वर्ष 2020 में मोहम्मदी को 23 वीं रैंक मिली थी, जो इस साल 22 अंक लुड़ककर 45वें नंबर पर पहुंच गया।
नगर पालिका के पास न तो संसाधनों का अभाव है और न ही सफाई कर्मियों की कमी है। मगर अधिकारियों की मनोदशा ही कस्बे को स्वच्छ बनाने की नहीं है। पालिका प्रशासन साल भर सफाई का दावा करके लाखों रुपये पानी की तरह बहाता रहा, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात जैसा रहा। इसी का नतीजा रहा कि साल दर साल स्वच्छता रैंक में मोहम्म्दी पिछड़ता चला गया। निरीक्षक उदित सैनी का कहना है कि सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रैकिंग में गिरावट के कारण तलाशकर उन्हें दूर किया जाएगा, जिससे 2022 में फिर से नगरपालिका को जोन रैंक में नंबर वन बन सके।
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वार्ड-25
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संसाधन
ट्रैक्टर ट्रॉली- चार
डंपर- एक
टैंपो- तीन
ठेलिया-25
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सफाई कर्मी
नियमित-20
संविदा-46
ठेका-87
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रैकिंग के मानक
1. नगर की सड़कों और नालियों की सफाई
2. कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था
3. शहर को सुंदर बनाने पर ध्यान
4. सड़कों का चौड़ीकरण
5. नगरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना
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स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग-
2019- 02
2020-23
2021-45
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पिछले वर्ष मिली रैंक से नहीं लिया सबक
स्वच्छ सर्वेक्षण की रैकिंग में निरंतर पिछड़ने से पालिका प्रशासन की हर तरफ निंदा हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि पालिका के अफसर पिछले साल मिली रैंक से सबक ले लेते तो रैकिंग गिरने से बच सकती थमें नगर की इतनी फजीयत न होती है। नगर वासियों का कहना है कि ईओ को सफाई पर ध्यान देना चाहिए था। न तो उन्होंने ध्यान दिया और न ही सफाई निरीक्षक और कर्मचारियों को।
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शंकरपुर छावनी निवासी राम मिलन त्यागी ने बताया कि स्वच्छता रैंक में निरंतर पिछड़ने का कारण अध्यक्ष का लंबे समय से बीमार होना है। नगर की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसका प्रमाण मोहल्ले के चोक नाले, नालियां है।
मोहल्ला भीतर निवासी समाजसेवी अतुल रस्तोगी बताते हैं कि स्वच्छता के प्रति सभी को जागरूक होने की जरूरत है। नगर पालिका सुबह जल्दी कूड़ा उठवाए। जल निकासी एक बड़ी समस्या है। इसके समाधान की आवश्यकता है।
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व्यापारी सगीर आलम सिद्दीकी बताते हैं कि सफाई के मामले में नगर पालिका का जो हाल पहले था वही अब भी हैं। चेयरमैन के बीमार होने से स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर पालिका पिछड़ गई।
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