बुधवार शाम पांच बजे थाना क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति का एक परिवार अपनी बेटियों के साथ घर में मौजूद था। इसी बीच घर की दोनों नाबालिग बेटियां घर के बाहर लगी चारा मशीन पर चारा काटने गईं कि इतने में पड़ोसी गांव के तीन युवक बाइक पर सवार होकर आए और दोनों सगी बहनों को जबरन बाइक पर बैठाकर भागने लगे।
दोनों बहनें थीं नाबालिग
इस बीच मां शोर मचाती रह गई। हालांकि मां ने बाइक सवारों का पीछा भी किया, लेकिन तब तक वह उनकी पहुंच से दूर जा चुके थे। शोर सुनकर गांव वाले भी इकट्ठा हो गए और आरोपियों की तलाश शुरू की तो करीब एक घंटे बाद गांव के ही एक व्यक्ति के खेत में उनके शव खैर के पेड़ की डाल से बंधे मिले। बड़ी बहन का शव ऊपर जबकि छोटी बहन का शव नीचे था। छोटी बहन के घुटने जमीन पर टिके थे। बताया गया कि बड़ी बहन 17 साल की थी और हाईस्कूल में पढ़ती थी, जबकि छोटी बहन 14 साल की थी, जो आठवीं में पढ़ती थी।
मृतका की मां ने पड़ोसी गांव के तीन युवकों पर अगवाकर हत्या करने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस अभी शव को कब्जे में नहीं ले पाई है। मामले में पुलिस अभी कुछ भी बोलने से इनकार कर रही है।
प्रदेश के एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है कि घटना के संबंध में हर पहलू पर जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक मौके पर हैं। परिजनों से तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
मौके पर पहुंचे आईजी रेंज
लखीमपुर के निघासन में दो सगी बहनों की अपहरण के बाद हत्या की घटना को डीजीपी मुख्यालय ने गंभीरता से लिया है। मामले की जांच के लिए लखनऊ रेंज की आईजी लक्ष्मी सिंह को मौके पर भेजा है। आईजी रेंज लखनऊ लक्ष्मी सिंह मौकेपर हैं और वह पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।