शादी-ब्याह की तैयारियों के लिए खपरैला बाजार में उमड़ रही ग्राहकों की भीड़
कोरोना की मामूली बंदिशों के बीच 19 से 13 दिसंबर तक होंगी जिले में शादियां
लखीमपुर खीरी। देवउठनी एकादशी के बाद होने वाले शादी ब्याह को लेकर सहालग का बाजार सज गया है। हालांकि शादी बारात का सीजन 19 नवंबर से 13 दिसंबर तक है। इस दौरान जिले में सैकड़ों शादी बारात होंगे। इस बार कोरोना की बंदिशें भी नहीं हैं। इससे सहालग कारोबारियों से लेकर जिन घरों में मांगलिक कार्यक्रम हैं उनमें भी खुशी है। कामकाज धूमधाम से करने के लिए बारात घर संचालकों ने तैयारियां तो वहीं घरवालों ने खरीदारी तेज कर दी है। इससे बाजार गुलजार होने से कारोबारी भी बेहद खुश हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवोत्थान एकादशी से देवता नींद से जाग उठते हैं। इसी दिन तुलसी सालिग्राम का विवाह होता है, जिसके बाद से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। इस बार 19 नवंबर को पहली सहालग है। जबकि सोमवार से तिलक, वरीछा आदि कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं। इस माह के शुभ मुहूर्त में करीब 1500 जोडे़ परिणय सूत्र में बंधेंगे। इसको लेकर बाजार भी पूरी तरह से तैयार है। सुबह से लेकर शाम तक बाजार में खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है। सबसे ज्यादा रौनक खपरैला बाजार में है। वह भी कपड़ों की दुकानों पर। शादी ब्याह को लेकर उमड़ रही भीड़ को लेकर कारोबारियों के चेहरे भी प्रसन्नता से खिल उठे हैं।
अनुमानित सहालग कारोबार
- टेंट एवं कैटर्स- दो करोड़
- फ्लावर डेकोरेशन- 50 लाख
- बैंडबाजार कारोबार- एक करोड़
- होटल कारोबार- दो करोड़
- कपड़ा बाजार में उमड़ रही भीड़
सहालग का सीजन शुरू होने से खपरैला बाजार की रंगत बढ़ गई है। बाजार में सुबह से लेकर रात तक भीड़ उमड़ रही है। ग्रामीण से लेकर शहर क्षेेत्र के लोग बड़ी संख्या में परिवार संग खरीदारी कर रहे हैं। इससे मेन रोड, खपरैला सहित अन्य बाजार में कपड़ों की दुकानों पर भीड़ रहती है। कपड़ा दुकानदारों का कहना है कि कोरोना की रफ्तार बेहद कम होने का असर बाजार पर साफ दिख रहा है। बिना बंदिशों के होने वाली बारातों को लेकर लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
पूरे सहालगी सीजन में होंगी करीब 1500 शादियां
पंडित प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि 15 नवंबर को चतुर्मास समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद शादी ब्याह होने की शुरूआत होगी। उन्होंने बताया कि नवंबर की 19, 20, 21, 26, 27, 28, 29, 30 और दिसंबर में 1, 2, 5, 7, 11, 12 एवं 13 तारीख को शुभ मुहूर्त है। 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक खरमास (धनु राशि की संक्रांति) रहेगा। इस दौरान मांगलिक कार्य नहीं होंगे। इस पूरे सहालगी सीजन में करीब 1500 शादियां होंगी।
पुत्तन बैंड संचालक मोहन बताते हैं कि पिछले दो साल कोरोना के कारण काफी नुकसान हुआ है। तमाम बुकिंग रद्द हो गई थीं। मगर, इस बार कोरोना का खौफ न होने से कारोबार अच्छा होने की उम्मीद है। इस बुकिंग अच्छी मिल रही हैं।
फूल माला विक्रेता अनुराग अवस्थी का कहना है कि दो साल तो काम धंधा तो पूरी तरह से बंद ही रहा। काफी नुकसान हुआ, लेकिन इस बार कोरोना की बंदिशें न होने से काम धाम अच्छा निकलने का अनुमान है।
पंजाब टेंट एवं कैटर्स के दलजीत सिंह बग्गा बताते हैं कि कल से मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं। पहले दिन की बुकिंग भी है। कोरोना में सीमित संख्या होने के कारण लोग टेंट आदि की बुकिंग करानी बंद कर दी थी।
होटल कंफर्ट इन के मालिक विवेक कपूर उर्फ विक्की बताते हैं कि दो साल का दौर काफी बुरा बीता। होटल का खर्च तक निकलना मुश्किल था। अधिकतर बुुकिंग कैंसल हो गईं। मगर, इस बार लोग बुकिंग कराने के लिए आ रहे हैं।