लखीमपुर खीरी के मझगईं इलाके में तेंदुए ने खेतों में घास चर रही बकरियों पर हमला कर दिया। आधा दर्जन बकरियों को तेंदुए ने मार डाला। बकरी चरा रहे चरवाहों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। सूचना पर रेंजर ने मौका मुआयना किया है। ग्रामीणों ने बाघ होने की बात कही, जबकि वन विभाग ने पगचिन्हों से तेंदुआ होने की पुष्टि की।
कोठिया गांव के इशाक अली, विजेंद्र व चंपा देवी शुक्रवार दोपहर बाद बकरियों को चराने गांव से कुछ दूर चौखड़ा फार्म गए थे। बताया जाता है कि खल्ला गुरूद्वारा के पास गन्ने के खेत में उनकी बकरियां चर रही थीं और वह तीनों रोड किनारे बैठे थे। तभी गन्ने में छिपे बैठे तेंदुआ ने बकरियों पर हमला बोल दिया। तेंदुआ देखकर चरवाहे सहम गए। उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई।
कुछ बकरियां तो इधर-उधर भाग गईं, लेकिन कुछ गन्ने के खेत में ही रह गईं। बकरी पालकों ने गांव पहुंचकर प्रधान रमाशंकर जाटव को सूचना दी। प्रधान ने मझगईं रेंजर को बताया। शनिवार सुबह ग्राम प्रधान के साथ रेंजर अंकित सिंह, वन दरोगा मनोज कुमार यादव, भूपेंद्र कुमार आदि घटनास्थल पर पहुंचे और आसपास छानबीन शुरू की। ग्रामीण हरभजन सिंह के खेत से आधा दर्जन बकरियों के अधखाए शव बरामद हुए।
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घटना से लोगों में दहशत है। डर के मारे ग्रामीण खेतों की तरफ नहीं जा रहे हैं। रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि घटनास्थल पर तेंदुआ के पगचिन्ह मिले हैं। बकरियों पर हमला करने वाला तेंदुआ है, ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। बाकी वन विभाग से मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी।