15 दिनों में दूसरी घटना होने से क्षेत्र में दहशत
निघासन। घर के बाहर खेल रहे गांव गाजीपुर निवासी एक छह वर्षीय बच्चे को तेंदुए ने हमला कर जख्मी कर दिया। 15 दिनों में दूसरी घटना होने से क्षेत्र में दहशत है।
फूलबेहड़ थानाक्षेत्र के चकलुआ के गांव गाजीपुर निवासी राधे ने बताया कि जंगल से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर उसका घर बना हुआ है। सोमवार रात करीब आठ बजे उनका छह वर्षीय बेटा संदीप घर के बाहर खेल रहा था। अचानक वहां पर जंगल की ओर से तेंदुआ आ गया और संदीप पर झपट्टा मार दिया। इसी बीच घर के बाहर मौजूद राधे ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग आ गए और तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। घायल अवस्था में उसे सीएचसी निघासन लेकर आए। वहां पर इलाज के बाद उसको घर भेज दिया। डाक्टर मनोज ने बताया कि संदीप के दांई तरफ चेष्ट और मुंह के नीचें पंजे के निशान लगे थे। खतरे से बाहर होने के कारण उसे इलाज के बाद घर भेज दिया गया। इससे पहले 30 अगस्त को गांव अदलाबाद निवासी 15 वर्षीय साहिल पर तेंदुआ ने हमला बोलकर मार डाला था। लुधौरी रेंजर पलटूराम राना ने बताया कि टीम भेजकर लोगों को आगाह किया गया है कि सर्तक रहें।
दो अलग-अलग स्थानों पर अजगर निकला
संपूर्णानगर। संपूर्णानगर वन रेंज के तहत दो अलग-अलग स्थानों पर अजगर निकलने से लोग भयभीत हैं। वनकर्मियों ने अजगर को पकड़कर जंगल में छोड़ा है।
बीती देर शाम मुरारखेड़ा गांव में राजकिशोर के गन्ने के खेत में विशालकाय अजगर दिखा। प्रधान प्रतिनिधि वीर बहादुर यादव ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने देखा कि अजगर ने कुत्ते का शिकार किया था। वह अपने स्थान से हिल तक नहीं पा रहा था। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने उसे पकड़कर जंगल में छोड़ा है। वहीं दूसरी तरफ मंगलवार को कमलापुर निवासी संतनाम सिंह के घर अजगर निकला, जिससे सब भयभीत हो गए। सूचना पर वन दरोगा किशन कश्यप, वनरक्षक शमशर सिंह, रामकुमार शेरा, जसवंत सिंह, अमर आदि टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को पकड़ा, जिसे बाद में हजारा के जंगल में छोड़ दिया गया। संवाद