एसपी संजीव सुमन ने बताया कि वारदात के घटनास्थल का लखनऊ से आई बैलिस्टिक विशेषज्ञ टीम ने विस्तृत निरीक्षण किया गया। रिपोर्ट में बैलिस्टिक विशेषज्ञ टीम ने बताया कि गाड़ी के टायर पर मारी गई गोली वादी के कथन के विपरीत खड़ी गाड़ी में मारी गई है ,जबकि दिलबाग सिंह ने बताया था कि चलती गाड़ी में गोली मारी गई है।
तिकुनिया कांड के गवाह और भाकियू जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह पर हमले के मामले में पुलिस ने दावा किया है कि चलती गाड़ी नहीं बल्कि खड़ी गाड़ी में गोली मारी गई थी।
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एसपी संजीव सुमन ने बताया कि वारदात के घटनास्थल का लखनऊ से आई बैलिस्टिक विशेषज्ञ टीम ने विस्तृत निरीक्षण किया गया। रिपोर्ट में बैलिस्टिक विशेषज्ञ टीम ने बताया कि गाड़ी के टायर पर मारी गई गोली वादी के कथन के विपरीत खड़ी गाड़ी में मारी गई है ,जबकि दिलबाग सिंह ने बताया था कि चलती गाड़ी में गोली मारी गई है।
इसके अलावा गाड़ी के शीशों पर चली गोलियां भी एफआईआर में लिखवाए गए तथ्यों के विपरीत पाई गई हैं। एफआईआर में ड्राइवर की सीट की तरफ से गोली चलाने का जिक्र है, जबकि गाड़ी खड़ी कर गोली बायें और दायें दोनों दिशाओं से चलाई गई हैं।
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एसपी संजीव सुमन ने बताया कि दिलबाग सिंह के दोनों साथी जितेंद्र व विपिन जो घटना से ठीक पूर्व दिलबाग सिंह के साथ थे, उनके द्वारा धारा 164 सीआरपीसी के अन्तर्गत न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराये गए, जिनमे दिलबाग सिंह द्वारा शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने के लिए ऐसी किसी घटना को कारित करने की बात पूर्व में कही गई थी। मामले की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। बताया कि दिलबाग सिंह को गनर निलंबित होने के कारण 1 जून से दूसरा गनर मुहैया कराया गया है।