ब्रजेश पाठक ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना ही मुख्य उद्देश्य है। इसके बाद वह शहर निवासी भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के दसवां कार्यक्रम में शामिल हुए। मोहल्ला हाथीपुर स्थित कार्यक्रम स्थल पर करीब आधा घंटा रुककर पिता विजय मिश्रा और बाबा से मिलकर घटना पर दुख जताया।
उत्तर प्रदेश सरकार के विधि मंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को जिले में आकर परेसहरा गांव निवासी मृतक हरिओम मिश्रा के परिवार से मुलाकात कर उन्हें हौसला बंधाया। इसके बाद शहर निवासी शुभम मिश्रा के दसवां कार्यक्रम में शामिल हुए। शुभम के पिता और हरिओम की मां को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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तिकुनिया कांड के 11वें दिन बुधवार को विधि मंत्री लखनऊ से सीधा फरधान थाना क्षेत्र के गांव परसेहरा निवासी गृह राज्यमंत्री के पुत्र के ड्राइवर हरिओम मिश्रा के घर पहुंचे। उन्होंने मृतक की मां निशा मिश्रा को सांत्वना देते हुए कहा कि इंसान ही इंसान के दुख में काम आता है। इसलिए हम सब की जिम्मेदारी बनती है कि एक-दूसरे के सुख-दुख में भागीदार बनें। उन्होंने न्याय दिलाने के साथ अस्वस्थ माता-पिता का इलाज, बहन की शादी एवं भाई के भविष्य की चिंता न करने का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना ही मुख्य उद्देश्य है। इसके बाद वह शहर निवासी भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के दसवां कार्यक्रम में शामिल हुए। मोहल्ला हाथीपुर स्थित कार्यक्रम स्थल पर करीब आधा घंटा रुककर पिता विजय मिश्रा और बाबा से मिलकर घटना पर दुख जताया। विजय मिश्रा ने कानून मंत्री को बताया कि पुलिस उनकी तहरीर पर बेटे के हत्यारों के खिलाफ मुकदमा नहीं लिख रही है। इस पर उन्होंने प्रार्थना पत्र लेकर मुकदमा दर्ज कराने का भरोसा दिलाया। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, उपाध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू, डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया, एसपी विजय ढुल, एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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घटना पर बोलने से बचते रहे कानून मंत्री
तिकुनिया हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता एवं मंत्री पुत्र के चालक के परिजन का दुख बांटने आए कानून मंत्री मीडिया से दूरी बनाए रहे। न तो वह हरिओम के यहां मीडिया से मुखातिब हुए और न ही शुभम के दसवां कार्यक्रम में। केंद्र एवं प्रदेश की सियासत का मुद्दा बने तिकुनिया कांड पर कानून मंत्री कुछ भी बोलने से बचते रहे।ो