किसानों का नाम लेने से रोकती है केंद्र और यूपी की सरकार
मंच से अपने भाषण की शुरुआत करते हुए भूपेश बघेल ने हिंदू कार्ड खेलते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को दक्षिण कौशल कहा जाता है, जो माता कौशल्या का मायका था, जबकि यूपी के अयोध्या में उनकी ससुराल। तो क्या वह उनकी ससुराल नहीं आ सकते।
भूपेश बघेल ने कहा कि यूपी में लोकतंत्र नहीं तानाशाही है, क्योंकि इस कार्यक्रम में आने के लिए उनके कार्यकर्ताओं से जिला प्रशासन ने लिखित में लिया कि वह तिकुनिया कांड और किसानों की बात का जिक्र अपनी सभा में नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में पुलिस अफसरों को गुंडा बनाया गया है। योगी सरकार पर भड़कते हुए उन्होंने कहा कि यूपी में लोकतंत्र नहीं बल्कि तानाशाही है। वहीं, मंच से उन्होंने कहा कि उन्होंने किसान का नाम लिया, तिकुनिया कांड की चर्चा की और टेनी के इस्तीफे की भी मांग की। अब जिला प्रशासन जो चाहे कर सकता है।
मंच से गुजरात मॉडल बनाम छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा
पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश में दो मॉडल की चर्चा होती है। एक गुजरात और दूसरा छत्तीसगढ़ का मॉडल। सात साल पहले पीएम ने गुजरात मॉडल की बात की थी। लेकिन, गुजरात मॉडल कहीं नहीं दिख रहा है, पर पूरा देश गुजरात मॉडल को भुगत रहा है। कहा कि 70 साल में कांग्रेस ने जो बनाया केंद्र सरकार उसे बेच रही है। जबकि, छत्तीसगढ कांग्रेस का मॉडल है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 2,500 रुपया प्रति क्विटल धान खरीद रहे हैं। धान और गेहूं की कीमत 2,500 रुपया प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है।
किसान, मजदूर और महिलाओं पर पकड़ बनाने की कोशिश
मंच से एलान करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि यूपी में कांग्रेस सरकार बनते ही छत्तीसगढ़ की तर्ज पर किसानों का कर्जा माफ किया जाएगा। मजदूरों को काम दिया जाएगा और महिलाओं का सम्मान किया जाएगा।
करीब दो घंटा देरी से पहंचे बघेल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने निर्धारित समय से करीब 1.43 मिनट देरी से लखीमपुर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर 01: 38 बजे पुलिस लाइन्स के हेलीपैड पर लैंड हुआ। हेलीपैड पर पूर्व सांसद जफर अली नकवी ने बुके भेंट कर उनका स्वागत किया। इस मौके पर सीतापुर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी, युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव सुभाष राजवंशी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और जिला प्रभारी अभिषेक पटेल, मोनिश अली नकवी, रियाज अहमद मोनू और तारिक हुसैन मौजूद रहे।
अटेवा व रसोइयां संघ ने सौंपा मांग पत्र
अटेवा ने पेंशन की मांग को लेकर भूपेश बघेल को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई। अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने मांग की कि छत्तीसगढ़ में भी पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। उधर, रसोइयां संघ ने भी परमानेंट नौकरी और वेतन वृद्दि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।