ममरी। बकाया भुगतान न मिलने के कारण किसान पहले ही परेशान हैं, ऐसे में अब गन्ने की फसल सूखने से उनके ऊपर दोहरी मार आन पड़ी है। पिछले साल की तरह इसबार भी 0238 प्रजाति के गन्ने में लाल सड़न रोग लग जाने से 20% गन्ना सूख गया है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं हैं।
खोखाय कि अजय वर्मा, खुशीराम हेमपुर के सतीश सरकार, गढ़ के इदरीश खान, हैदराबाद के मसरूफ बेग आदि किसानों का कहना है कि चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू होने में अभी दो महीने बाकी हैं। जबकि उनके खेतों में खड़े 0238 प्रजाति के गन्ने में पिछली सीजन की तरह लाल सड़न रोग लग जाने से गन्ना सूखने लगा है। कई किसानों के खेतों में 20 फीसदी गन्ना सूख चुका है। उनका कहना है कि यदि यही हालत रही तो मिल का पेराई सत्र शुरू होने तक 40% गन्ना खेतों में सूख जाएगा। बताया कि इस बीमारी पर कीटनाशक दवाओं का भी प्रभाव नहीं हो रहा है।
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ममरी के किसान पारसनाथ शुक्ला का कहना है कि उनके खेत में खड़ा 0238 गन्ना 25% सूख चुका है, जबकि मिल चलने को काफी समय बाकी है।
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खोखाय के किसान दिनेश शर्मा ने बताया कि उनका 20% गन्ना सूख गया है, जबकि खेत में जलभराव भी नहीं है। बताया कि पिछले वर्ष उनका 50 प्रतिशत गन्ना सूख गया था।
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जनकपुर नंबर 18 के किसान संजय यादव बताते हैं कि उनका काफी गन्ना सूख गया है जिस पर दवा का कोई प्रभाव नहीं हो रहा है।
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गोविंदा पुर के किसान बृज किशोर वर्मा ने बताया कि उनके खेत में खड़ा 0238 प्रजाति का गन्ना तेजी से सूख रहा है। जिसकी रोकथाम कैसे की जाए समझ में नहीं आ रहा है।
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किसान जब शरदकालीन अथवा बसंत कालीन गन्ने की बुआई करें तो रोग ग्रस्त बीज का प्रयोग कतई ना करें। साथ ही गन्ने की बुआई करने से पूर्व मिट्टी में ट्राइकोडरमा पाउडर का मिश्रण करें, जिससे लाल सड़न रोग खत्म हो जाएगा।
-भगवानदास वर्मा, कृषि प्रसार अधिकारी