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खीरीः सुधर जाओ की चिंगारी ने लगा दी इतनी बड़ी आग

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प्रतीकात्मक
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गोष्ठी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने मंच से किसानों को दी थी धमकी, वीडियो भी हुए थे सोशल मीडिया पर वायरल
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25 सितंबर को केंद्रीय मंत्री बनने के बाद संपूर्णानगर में प्रथम आगमन पर महंगापुर गुरुद्वारा और गदनियां चौराहे पर किसानों ने दिखाए थे उन्हें काले झंडे
लखीमपुर खीरी। संपूर्णानगर में 25 सितंबर 2021 को आयोजित किसान गोष्ठी में टेनी की किसानों को सुधर जाओ की चेतावनी ने बवाल करा दिया था।
दरअसल, 25 सितंबर को केंद्रीय मंत्री बनने के बाद संपूर्णानगर में प्रथम आगमन पर महंगापुर गुरुद्वारा और गदनियां चौराहे पर किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाए थे और उनके बैनर पोस्टर फाड़ दिए थे। मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई थी। गोष्ठी में पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने मंच से किसानों को धमकाते हुए कहा था कि सुधर जाओ, वरना सुधार जाएंगे। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। बताया जाता है कि उनके इसी बयान के बाद किसानों का गुस्सा और भड़का था, और किसानों ने जगह जगह प्रदर्शन करने शुरू कर दिये थे।
इस घटना के बाद 26-27 सितंबर को महंगापुर में किसानों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया और किसानों ने मंत्री पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए निघासन में विरोध प्रदर्शन किया। किसानों के विरोध में भाजपा नेताओं ने भी थाने का घेराव किया था।
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कहा था- पलिया नहीं, लखीमपुर खीरी तक छोड़ना पड़ जाएगा
किसानों की एक सभा को संबोधित करते हुए टेनी का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ लोग किसानों को भड़का रहे हैं। खुद के विरोध का जिक्र करते हुए मंच से उन्होंने कहा था कि... विरोध करने वालों आकर सामना करो, हम आपको सुधार देंगे। मैं केवल मंत्री या सांसद नहीं हूं, जो लोग मेरे विषय में जानते हैं, उनको पता होगा कि मैं किसी चुनौती से भागता नहीं। जिस दिन मैंने उस चुनौती को स्वीकार कर लिया उस दिन पलिया नहीं लखीमपुर खीरी भी छोड़ना पड़ जाएगा। यह याद रखना.
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22 साल पुराना प्रभात हत्याकांड भी बढ़ा सकता है टेनी की मुसीबत
लखीमपुर खीरी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में लखीमपुर खीरी के 22 साल पुराने प्रभात गुप्ता हत्याकांड मामले की 16 मई को अंतिम सुनवाई करेगी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मृतक प्रभात के भाई राजीव गुप्ता ने बताया कि 8 जुलाई 2000 को लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया थाना क्षेत्र के तिकुनिया कस्बे में 22 साल के नौजवान प्रभात गुप्ता की हत्या हुई थी। अजय मिश्र टेनी पर हत्या का आरोप लगा था। राजीव गुप्ता ने बताया कि उनके बड़े भाई प्रभात गुप्ता जिला पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे थे और अजय मिश्र टेनी अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे थे, जिसके चलते दोनों के बीच विवाद हुआ और उनके भाई की हत्या कर दी गई थी। बताया कि प्रभात गुप्ता की हत्या की जांच पहले सीबीसीआईडी को दी गई थी, लेकिन जब लोगों ने उन्हें बताया कि सीबीसीआईडी में मामले सालों साल लटके रहते हैं तो इस पर उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री से मिलकर इसकी जांच हटवाने का अनुरोध किया था। इसके बाद यह जांच दोबारा आईजी जोन के स्तर से कराई जा रही थी। बताया कि उनका यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में पिछले दो साल से पेंडिंग है। जब इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी, इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी है। 16 मई को हाईकोर्ट में इस पर अंतिम सुनवाई है।
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