मुकदमा नंबर 220 में गुरविंदर को तीन दिन की पुलिस रिमांड मंजूर
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में किसानों पर गाड़ी चढ़ाने के मामले में जांच टीम को सभासद सुमित जायसवाल समेत चार लोगों की दोबारा पुलिस रिमांड मिली है। सीजेएम चिंताराम की अदालत ने पुलिस को सुमित जायसवाल, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी और शिशुपाल को 28 अक्तूबर से 30 अक्तूबर हिरासत में लेकर पूछताछ की मंजूरी दी है।
पुलिस कस्टडी रिमांड पर चारों आरोपियों को दिए जाने की मांग करते हुए क्राइम ब्रांच के प्रभारी और विवेचक विद्याराम दिवाकर ने अदालत को बताया कि रिंकू राना, धर्मेंद्र और उल्लास त्रिवेदी को 29 अक्तूबर तक पुलिस कस्टडी रिमाड पर दिया गया है, जिनसे आमने-सामने बैठाकर पहले जेल भेजे जा चुके सुमित जायसवाल, शिशुपाल और नंदन सिंह बिष्ट तथा सत्यम त्रिपाठी से पूछताछ करनी है। इसलिए इन चारों आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर पूछताछ किए जाने की जरूरत है। वहीं अवधेश सिंह, शैलेंद्र सिंह गौड़ सहित बचाव पक्ष टीम के वकीलों ने इसे बेहद आपत्तिजनक करार दिया। कहा कि बेवजह बार-बार पूछताछ के बहाने आरोपियों को तंग किया जा रहा है। उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत भी नहीं हैं। वहीं वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने षड्यंत्र का पता लगाने के लिए आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की जरूरत पर बल दिया। कहा, अन्वेषण एजेंसी कानून के अनुसार ही काम कर रही है।
कानून हाथ में लेने वाले को तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में प्रदर्शनकारी किसानों पर दर्ज कराए गए क्रॉस केस मामले में गिरफ्तार गोला थाना क्षेत्र के गुरविंदर सिंह की पुलिस कस्टडी रिमांड पर बुधवार को सीजेएम अदालत में सुनवाई हुई। विवेचक सुधीर चंद्र पांडेय की ओर से दाखिल कस्टडी रिमांड अर्जी पर बहस करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने बताया कि गाड़ी से कुचलने की घटना के बाद प्रदर्शनकारियों के चंगुल में आए युवक को आरोपी ने डंडे से पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने की बात कबूली है। साथ ही हत्या में प्रयुक्त डंडे को छिपाने की बात कही है जिसे वही बरामद करा सकता है। बचाव पक्ष ने झूठा मामला बताते हुए कहा, पुलिस उसका उत्पीड़न करने के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड मांग रही है। वह भी सात दिनों के लिए। अगर डंडा ही बरामद कराया जाना है तो सात दिनों की पुलिस कस्टडी पूछताछ की क्या जरूरत है। दोनों ओर से बहस सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी गुरविंदर सिंह को प्रताड़ित करने से निषेधित करते हुए तीन दिन के लिए कस्टडी रिमांड में पूछताछ करने की मंजूरी दी है। अदालत ने 28 अक्तूबर की सुबह दस बजे से 31 अक्तूबर की सुबह दस बजे तक आरोपी गुरविंदर सिंह को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की मंजूरी दी है।
सुप्रीम कोर्ट के खौफ के कारण एक दिन में कराईं 12 गवाही
लखीमपुर खीरी। सुप्रीम कोर्ट के खौफ के चलते जांच टीम ने एक ही दिन में बारह लोगों के कलमबंद बयान दर्ज कराने का रिकार्ड कायम किया है। एसआईटी ने समय बचाने के लिए कलमबंद बयान दर्ज कराने की चिट्ठी साइक्लो स्टाइल में बना ली है, जिसके चलते सीजेएम अदालत के समक्ष तिकुनिया कांड में पेश होकर कलमबंद बयान दर्ज कराने के लिए भेजे गए प्रपत्र में गवाह का नाम रिक्त छोड़ दिया जा रहा है और पेन से डालकर गवाह का नाम लिखा जा रहा है।
बुधवार को सीजेएम कोर्ट में विवेचक विद्याराम दिवाकर और सहयोगी टीम के इंस्पेक्टर राजेश शर्मा सहित कई दरोगा दो-दो और तीन तीन गवाहों को लेकर कलमबंद बयान दर्ज कराने के लिए पहुंच थे। सीजेएम चिंताराम ने कलमबंद बयान दर्ज कराने के लिए आने वालों गवाहों को अपर सिविल जज ज्यूडिशियल कोर्ट प्रथम, अपर सिविल जज एफटीसी वूमेन कोर्ट, अपर सिविल जज जेएम कोर्ट, पंचम की अदालत में बयान दर्ज कराने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बुधवार को बयान दर्ज कराने के लिए पहुंचने वालों में जसविंदर सिंह, सतनाम सिंह, जसविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, सतवीर सिंह, विपिन वर्मा, कोमलप्रीत सिंह, लवप्रीत सिंह सतनाम सिंह सुखचैन सिंह, रंजीत सिंह, बलविंदर सिंह पेश हुए, जिन्हे सबंधित अदालतों में बयान दर्ज कराने के लिए भेजा गया है।
सुप्रीम कोर्ट लगातार रख रही निगाह
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में निगरानी करते हुए सुप्रीम कोर्ट लगातार विवेचना पर नजर बनाए हुए है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट मिलने के बाद गवाहों की सुरक्षा को लेकर टिप्पणी की थी तो इतनी भीड़ में से केवल 30 बयान दर्ज होने पर नाखुशी जाहिर की थी। इसके बाद हाईकोर्ट के माध्यम से दिन प्रतिदिन इस मामले में जिला अदालत अपडेट स्टेटस दाखिल कर रही है। इसके चलते इस मामले में कलमबंद बयान दर्ज कराने वाले गवाहों के बयान प्राथमिकता के आधार पर दर्ज कराने के लिए निर्देशित करते हुए यह निर्देश दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर जिला जज के स्तर से बयान 164 सीआरपीसी दर्ज कराने के लिए पृथक व्यवस्था की जा सकेगी। शायद यही वजह है कि बुधवार को एक साथ तेरह गवाह सीजेएम अदालत पहुंच गए।
दो हत्याभियुक्तों की जमानत अर्जी पर सुनवाई तीन को
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के मामले में सबसे पहले गिरफ्तार हुए अभियुक्त आशीष पांडेय और लवकुश राना की ओर से जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई है। जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष रामाशीष मिश्र की ओर से दोनों आरोपियों की ओर से दाखिल की गई जमानत अर्जी में दोनों हत्यारोपियों को निर्दोष बताया गया है साथ ही नामजदगी न होने की बात कहते हुए पूरे मामले से पल्ला झाड लिया है, वही डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने जमानत अर्जी की नकल मिलने की बात कहते हुए बताया कि तिकुनिया पुलिस से इस मामले में आख्या पेश करने को कहा गया है साथ ही अगर आरोपी की कोई क्रिमनल हिस्ट्री है तो इस पर भी अलग से रिपोर्ट तलब की गई है। जिला जज अदालत ने जमानत अर्जी दाखिल होने के बाद डीजीसी को सूचना देने का आदेश देने के साथ ही सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तिथि मुकर्रर की है।
मुख्य आरोपी की जमानत अर्जी पर सुनवाई आज
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू की जमानत याचिका जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में आज सुनवाई है।
तिकुनिया कांड को लेकर बहुचर्चित मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में नियत है। प्रमुख आरोपी आशीष मिश्र मोनू की ओर से दाखिल जमानत याचिका में अधिवक्ता अवधेश दुबे और अवधेश सिंह ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद बताए। कहा, गलत तरीके से एसआईटी और तिकुनिया पुलिस ने बिना जांच किए ही उन्हें आरोपी बनाया है, जबकि इस पूरे मामले से उनका कोई संबंध नहीं है। वहीं डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया है कि अभी अभियोजन से जुडे़ प्रपत्र तिकुनिया पुलिस से तलब किए गए थे। बुधवार की शाम तक उन्हें आरोपी की क्रिमनल हिस्ट्री व केस डायरी आदि कागजात नहीं मिले हैं इस वजह से अभी इस स्तर पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है।
अदालत ने तलब की रिपोर्ट तो डिस्चार्ज हुए आशीष मिश्र मोनू
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के मामले में पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड पर लिए गए आशीष मिश्र मोनू की तबीयत खराब होने की बात कहते हुए प्रशासन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डेंगू होने और शुगर के लेबल बढ़ने की बात कहते हुए इसे गंभीर हालत बताकर उन्हें प्राइवेट वार्ड में भर्ती कराया गया था। मीडिया में मामला सुर्खियों में बना तो विवेचक क्राइम ब्रांच के विद्याराम दिवाकर ने सीजेएम अदालत में अर्जी देते हुए बंदी आशीष मिश्र मोनू के स्वास्थ के बारे में जानकारी मंगवाने का अनुरोध किया था। इसके बाद जब सीजेएम चिंताराम की अदालत ने सीएमओ और सीएमएस से इस बाबत रिपोर्ट तलब की। जांच रिपोर्ट में आशीष मिश्र का हीमोग्लोबिन 16 प्वाइंट से अधिक का निकला, साथ ही प्लेटस की बढ़ोतरी की बात कहते हुए मंगलवार को ही डिस्चार्ज करते हुए जिला जेल भेज दिया गया है।
गुरविंदर पीट-पीटकर हत्या का आरोपी तो विचित्र वीडियो बनाने और उकसाने का
लखीमपुर खीरी। मंगलवार को तिकुनिया कांड में गिरफ्तार गुरविंदर सिंह जहां डंडे से पीट-पीटकर हत्या के मामले में गिरफ्तार हुआ है। वहीं दूसरे आरोपी पर वीडियो बनाने व भीड़ को उकसाने का आरोप है। जानकारी के मुताबिक, जांच टीम के सवाल जवाब में गुरविंदर सिंह ने डंडे से पिटाई की बात कबूली है तो वहीं विचित्र सिंह पर घटनास्थल पर मौजूद रहकर वीडियो बनाने और गाड़ी तोड़ने व भीड़ की पिटाई करने के लिये उकसाने का आरोप है।
उधर, विचित्र सिंह के पिता लखविंदर सिंह निवासी गौगावां थाना भीरा ने बताया कि उनका बेटा निर्दोष है। इससे पहले वह किसी भी मामले में आरोपी नहीं रहा है और उसकी साफ सुथरी छवि है। उन्होंने बताया कि पहले उनसे बेटे से मिलाने के लिए कहा गया था बाद में उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया। संवाद